दिल्ली: प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) सीज़न 12 अब अपने निर्णायक दौर में पहुँच गया है। दिल्ली के त्यागराज इंडोर स्टेडियम में 25 से 31 अक्टूबर तक ग्रैंड प्लेऑफ़्स फेस्टिवल खेला जाएगा, जहाँ आठ टीमें चैंपियन बनने के लिए आमने-सामने होंगी।
चार शहरों में खेले गए 108 रोमांचक लीग मुकाबलों के बाद अब खिताबी जंग दिल्ली में सजेगी। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी आठ टीमों के कप्तान एक साथ नज़र आए और मुकाबलों को लेकर अपनी रणनीतियाँ साझा कीं।
प्लेऑफ़्स का आगाज़ 25 अक्टूबर को प्ले-इन्स के साथ होगा। पहले मुकाबले में गत विजेता हरियाणा स्टीलर्स का सामना जयपुर पिंक पैंथर्स से होगा, जबकि दूसरे मुकाबले में पटना पाइरेट्स और यू मुंबा आमने-सामने होंगी। इन दोनों मैचों के विजेता अगले चरण में जगह बनाएंगे।
प्रो कबड्डी लीग के लीग चेयरमैन और मशाल स्पोर्ट्स के बिज़नेस हेड अनुपम गोस्वामी ने कहा,
“सीज़न 12 ने प्रतिस्पर्धा की नई परिभाषा तय की है। इस बार 108 लीग मैचों में से 48 मुकाबले पाँच अंकों या उससे कम अंतर से तय हुए, जबकि 27 मैचों का फ़ैसला आखिरी 90 सेकंड में हुआ। यह दर्शाता है कि कबड्डी का स्तर लगातार ऊँचा हो रहा है।”
इस सीज़न में पहली बार टाईब्रेकर नियम लागू किया गया, जिसने मुकाबलों को और रोमांचक बना दिया। पुनेरी पलटन और दबंग दिल्ली केसी ने 26-26 अंकों के साथ पहले ही प्लेऑफ़्स में जगह पक्की कर ली थी। वहीं बेंगलुरु बुल्स (22 अंक), तेलुगु टाइटन्स, हरियाणा स्टीलर्स और यू मुंबा (20-20 अंक) के बीच भी कड़ी टक्कर देखने को मिली।
पिछले सीज़न की उपविजेता पटना पाइरेट्स ने इस बार शुरुआत में निराश किया, लेकिन बाद में लगातार पाँच मैच जीतकर शानदार वापसी करते हुए प्लेऑफ़ में जगह बनाई। वहीं जयपुर पिंक पैंथर्स ने आखिरी दिन आठवें स्थान पर रहते हुए प्लेऑफ़्स में प्रवेश किया, जबकि यू मुंबा शीर्ष चार में जगह बनाने से चूक गई।
पुनेरी पलटन के कप्तान असलम इनामदार ने कहा, “प्लेऑफ़्स में संयम और स्पष्टता बेहद अहम हैं। हमने पूरे सीज़न में अनुशासन बनाए रखा है और अब हमारा लक्ष्य उसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना है।”
वहीं दबंग दिल्ली के कप्तान आशु मलिक ने कहा, “हर रेड और टैकल खेल बदल सकता है। दबाव में न आकर शांत रहकर खेलना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।”

