आगरा। आगरा रोडवेज को मिली सभी 38 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा इस माह से मथुरा के अलावा नोएडा और बुलंदशहर रूट पर दौड़ने के लिए तैयार है। इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग प्वाइंट को विद्युत आपूर्ति देने के लिए आवश्यक ट्रांसफार्मर लगाने की धनराशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। इसके बाद 15 जनवरी से पहले ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
वर्तमान में आगरा-मथुरा रूट पर केवल 20 इलेक्ट्रिक बसों का ही संचालन हो रहा है। चार्जिंग प्वाइंट को पावर आपूर्ति की व्यवस्था न होने के कारण शेष इलेक्ट्रिक बसें अब तक खड़ी थीं।
शासन की ओर से फरवरी 2025 में आगरा रोडवेज को कुल 38 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई गई थीं। ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 200 किलोमीटर तक का सफर तय करने में सक्षम हैं। प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस की लागत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
इन बसों के संचालन के लिए आईएसबीटी परिसर स्थित फोर्ट डिपो में अलग से आधुनिक चार्जिंग स्टेशन तैयार किया गया है, जिसमें चार्जिंग प्वाइंट के साथ विद्युत आपूर्ति के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। मथुरा में चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद सितंबर 2025 से 18 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया था।
फोर्ट डिपो में ट्रांसफार्मर लगाए जाने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा शासन को बजट उपलब्ध कराने हेतु पत्र भेजा गया था। क्षेत्रीय प्रबंधक बी.पी. अग्रवाल ने बताया कि ट्रांसफार्मर स्थापना के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। अब 15 जनवरी तक ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद नोएडा, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, मैनपुरी समेत अन्य जिलों के लिए भी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को पर्यावरण के अनुकूल, सस्ती और आरामदायक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

