आगरा। हज यात्रा 2026 पर जाने वाले जायरीनों के लिए रविवार को ईदगाह नगला मेवाती, ताजगंज, आगरा में आयोजित हज प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक चले इस शिविर में बड़ी संख्या में जायरीनों ने भाग लिया और हज से जुड़ी जरूरी जानकारी हासिल की।
यह प्रशिक्षण शिविर उत्तर प्रदेश स्टेट हज कमेटी, लखनऊ एवं हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें हज के अरकान, एहराम, तवाफ, सई, अराफात और जमरात समेत तमाम प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया। साथ ही सफर के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, स्वास्थ्य संबंधी उपायों और जरूरी दस्तावेजी जानकारी भी दी गई।
डॉ. जुल्फिकार (हज ट्रेनर) ने अपने संबोधन में कहा कि हज को सही तरीके से अदा करने के लिए उसकी पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने जायरीनों को हर अमल को सुन्नत के मुताबिक और अनुशासन के साथ पूरा करने की हिदायत दी।
अब्दुल शाकिर (हज ट्रेनर) ने कहा कि हज के दौरान सावधानी और समझदारी सबसे अहम होती है। उन्होंने दस्तावेजों की सुरक्षा, भीड़ में सतर्क रहने और हज कमेटी के निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया, ताकि जायरीन किसी भी परेशानी से बच सकें।
वहीं काज़ी-ए-शरिया मुफ्ती मुहम्मद मुदस्सिर कादरी ने अपने बयान में कहा कि हज एक ऐसी इबादत है, जो इंसान के अंदर रूहानी बदलाव लाती है। उन्होंने जायरीनों को नीयत की सफाई, सब्र और अच्छे अखलाक अपनाने की नसीहत दी।
इस मौके पर फ़ातेह आगरा, मुफ़्ती मौलाना अर्शदुर्रहमान क़ादरी ने अपने संबोधन में कहा कि हज इस्लाम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसे पूरी निष्ठा, सच्चे दिल और सुन्नत के तरीके के अनुसार अदा करना चाहिए। उन्होंने जायरीनों को नसीहत करते हुए कहा कि हज के दौरान सब्र, तहम्मुल, भाईचारे और अनुशासन का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि यही एक मुकम्मल और कबूल हज की पहचान है।
शिविर में मौजूद जायरीनों ने इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनकी हज यात्रा को आसान और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में हाजी सम्मा, हाजी सलीमुद्दीन पठान, मोहम्मद हफीज, हाजी अली हसन, नदीमुद्दीन खान, शाहिद खान, मोहम्मद आसिफ खान, मोहम्मद फैजान और कामिल खान सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

