नई दिल्ली। Center for the Study of Organized Hate (CSOH) की ओर से जारी ताज़ा रिपोर्ट में साल 2025 के दौरान सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिए गए हेट स्पीच को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष नफरती भाषण देने वालों में राजनेताओं की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही।
टॉप 10 में 6 राजनेता शामिल
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में सबसे ज़्यादा हेट स्पीच देने वाले टॉप 10 व्यक्तियों में से छह राजनेता हैं। इनमें मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, विधायक और सत्तारूढ़ दल से जुड़े प्रमुख चेहरे शामिल हैं।
सीएम पुष्कर सिंह धामी सबसे आगे
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 2025 में सबसे ज़्यादा हेट स्पीच देने वाले नेता के रूप में सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में कुल 71 नफरती भाषण दिए।
यह आंकड़ा देशभर में दर्ज हेट स्पीच मामलों में सबसे अधिक बताया गया है।
ये नेता भी सूची में शामिल
CSOH की रिपोर्ट में जिन प्रमुख चेहरों का नाम सामने आया है, उनमें शामिल हैं:
प्रवीण तोगड़िया (अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद प्रमुख) – 46 हेट स्पीच
अश्विनी उपाध्याय (बीजेपी नेता व वकील) – 35 हेट स्पीच
योगी आदित्यनाथ – मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
अमित शाह – केंद्रीय गृह मंत्री
नितेश राणे – महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री
टी. राजा सिंह – विधायक, तेलंगाना
सार्वजनिक कार्यक्रम बने मुख्य मंच
रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकतर हेट स्पीच आमने-सामने (पब्लिक) कार्यक्रमों, रैलियों, सभाओं और धार्मिक-राजनीतिक आयोजनों के दौरान दिए गए। इनमें न केवल राजनेता, बल्कि धार्मिक नेता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी शामिल रहे।
लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द पर सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के भाषण
सामाजिक तनाव बढ़ाते हैं।
लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करते हैं
अल्पसंख्यक और हाशिए के समुदायों में असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं
CSOH ने अपनी रिपोर्ट में हेट स्पीच पर सख्त निगरानी, जवाबदेही और कानूनी कार्रवाई की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।

