हैदराबाद, (Times of TAJ):बेहद दुख और रंज के साथ यह सूचना दी जा रही है कि हज़रत शाह मुहम्मद क़ासिम साहब क़िबला अबुल उलई का सोमवार की दोपहर अस्वस्थता के कारण इंतिक़ाल हो गया। वे एक रूहानी बुज़ुर्ग, दीन के खिदमतगार और इस्लामी इल्म के सच्चे मुहाफ़िज़ थे।
हज़रत क़ासिम साहब क़िबला का संबंध हैदराबाद के मशहूर और मुतबर ख़ानदान से था। वे सद्र-ए-मजलिस, सांसद बैरेस्टर असदउद्दीन ओवैसी, फ्लोर लीडर अकबरउद्दीन ओवैसी, और एतमाद उर्दू डेली के चीफ़ एडिटर बुरहानउद्दीन ओवैसी के सगे मामूज़ाद भाई (चचेरे भाई) थे।
उनके इंतिक़ाल की ख़बर मिलते ही हैदराबाद समेत तमाम इलाक़ों में गहरा सदमा फैल गया। दरगाहों और ख़ानक़ाहों में दुआएं की जा रही हैं, वहीं सोशल मीडिया पर भी लोगों ने गम का इज़हार करते हुए हज़रत साहब की रूह की मग़फ़िरत के लिए दुआ की है।
सूत्रों के अनुसार, जनाज़े की नमाज़ कल मंगलवार को अदा की जाएगी। बड़ी तादाद में उलेमा, सियासी व समाजी शख्सियतें और मुरीदीन शरीक होंगे।
हज़रत साहब अपनी रूहानी तालीम, नर्म-मिज़ाजी और इंसानियत की ख़िदमत के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हमेशा अमन, मोहब्बत और एकता का पैग़ाम दिया।
अल्लाह तआला मरहूम को जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और अहल-ए-ख़ानदान को सब्र-ए-जमील अता करे।
إنا لله وإنا إليه راجعون

