नई दिल्ली।प्रसिद्ध गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना करते हुए पटना में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान हुई घटना की निंदा की है। यह घटना उस समय सामने आई जब मुख्यमंत्री को एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाते हुए देखा गया। इस मामले ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस को जन्म दे दिया है।
जावेद अख्तर ने गुरुवार (18 दिसंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भले ही वे व्यक्तिगत रूप से हिजाब की परंपरा से सहमत न हों, लेकिन किसी महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कृत्य निंदनीय है और मुख्यमंत्री को इसके लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध उसके पहनावे को छूना या हटाना उसकी निजता और आत्मसम्मान पर सीधा हमला है। जावेद अख्तर ने कहा कि वैचारिक मतभेदों का मतलब यह नहीं कि किसी की व्यक्तिगत सीमाओं को तोड़ा जाए।
यह घटना कथित तौर पर सोमवार को पटना में आयोजित एक सरकारी समारोह के दौरान हुई, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आयुष विभाग के डॉक्टरों को प्रमाण पत्र वितरित कर रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के हिजाब की ओर इशारा करते हैं और फिर स्वयं आगे बढ़कर हिजाब को नीचे खींच देते हैं, जिससे महिला का चेहरा और ठोड़ी कुछ क्षणों के लिए दिखाई देती है। वीडियो में महिला डॉक्टर असहज नजर आती हैं।
वीडियो सामने आने के बाद से जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। कई राजनीतिक दलों, महिला अधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना को महिलाओं की गरिमा, धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन बताया है। आलोचकों का कहना है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
हालांकि इस पूरे मामले पर अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या बिहार सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान या माफी सामने नहीं आई है। लेकिन बढ़ते दबाव और सार्वजनिक आलोचना के बीच यह मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

