नई दिल्ली:भारत और इंग्लैंड के बीच प्रस्तावित मिश्रित दिव्यांग टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज 2026 केवल एक द्विपक्षीय खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की उस दीर्घकालिक सोच और प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसमें खेल को समान अवसर, सम्मान और समावेशन का माध्यम माना जाता है। यह सीरीज वैश्विक पैरा-क्रिकेट के परिदृश्य में भारत की बढ़ती भूमिका को मजबूती से स्थापित करने जा रही है।
इस ऐतिहासिक श्रृंखला के लिए स्वयम (Swayam) को एक्सेसिबिलिटी पार्टनर के रूप में शामिल किया गया है, जो खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों और दर्शकों के लिए बाधा-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करेगा। यह पहल इस मूल भावना को सशक्त करती है कि समावेशी खेल की नींव समावेशी अवसंरचना पर टिकी होती है।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के हेड ऑफ डिसेबिलिटी क्रिकेट इयान मार्टिन ने कहा कि यह सीरीज इस बात का प्रमाण है कि दिव्यांग क्रिकेट ने वैश्विक स्तर पर कितनी दूर तक यात्रा की है। उन्होंने भारत की समावेशन नीति और डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया।
डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीसीआई) के अध्यक्ष रवि चौहान ने कहा कि भारत की मिश्रित दिव्यांग क्रिकेट यात्रा ने उल्लेखनीय गति प्राप्त की है और इस तरह के सहयोग इस विकास को टिकाऊ बनाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, यह श्रृंखला केवल आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण है कि समावेशी खेल को किस प्रकार योजनाबद्ध, व्यवस्थित और संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
डीसीसीआई ने सीरीज के लिए भारतीय पुरुष मिश्रित दिव्यांग टीम की घोषणा पहले ही कर दी है। टीम की कमान रविंद्र सांतें को सौंपी गई है, जबकि विवेक कुमार को उपकप्तान बनाया गया है। चयनित दल में शारीरिक, श्रवण और बौद्धिक दिव्यांगता श्रेणियों के खिलाड़ी शामिल हैं, जो इस सीरीज को इसके वास्तविक ‘मिश्रित’ स्वरूप में प्रस्तुत करते हैं।
इंग्लैंड की टीम भी अनुभव और विविधता का संतुलित संयोजन है, जिससे दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय और प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबले की उम्मीद की जा रही है।
भारतीय टीम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के समापन के बाद टीम २५ जनवरी को ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो चुकी है। यह सीरीज उन वर्षों की तैयारी का परिणाम मानी जा रही है, जिसमें भारत ने पैरा-क्रिकेट के ढांचे, प्रतिभा और प्रशासनिक क्षमता को सुदृढ़ किया है।
कुल मिलाकर, भारत–इंग्लैंड मिश्रित दिव्यांग टी20 सीरीज 2026 खेल के माध्यम से समानता और समावेशन के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है, जहां प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ संवेदनशीलता और अवसर की समानता भी केंद्र में रहती है।

