नई दिल्ली। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। उन्होंने न्यायमूर्ति बी.आर. गवई का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल पूरा हो चुका है।

शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा समेत कई केंद्रीय मंत्री, न्यायाधीश और वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत : एक संक्षिप्त परिचय
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जन्म: 1962, हिसार (हरियाणा)
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वकालत की शुरुआत: 1984, हिसार जिला न्यायालय
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विशेषज्ञता: संवैधानिक कानून, सेवा कानून और दीवानी मामले
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उन्होंने कई विश्वविद्यालयों, बोर्डों, निगमों, बैंकों और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मामलों में पक्ष रखा।
महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ
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2000: हरियाणा के सबसे युवा महाधिवक्ता बने
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2004: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त
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2018: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने
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मई 2019: सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत
न्यायिक क्षेत्र में उनकी चार दशक से अधिक की यात्रा उन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायिक पद तक लेकर आई है। देश की न्याय व्यवस्था में उनके अनुभव और संवैधानिक समझ से नए अध्याय लिखे जाने की उम्मीद है।

