नई दिल्ली: भारत में वायु प्रदूषण का स्तर अब इतनी चिंता का विषय बन चुका है कि दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में टॉप 10 स्थान पूरी तरह भारतीय शहरों ने हासिल कर लिए हैं। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के 40 सबसे प्रदूषित शहरों में अधिकांश शहर भारत के हैं।
टॉप 10 प्रदूषित शहरों की सूची इस प्रकार है:
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श्रीगंगानगर (राजस्थान) – AQI 830
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सिवानी (हरियाणा) – AQI 644
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अबोहर (पंजाब) – AQI 634
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हिसार (हरियाणा) – AQI 477
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चूरू (राजस्थान) – AQI 456
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चरखी दादरी (हरियाणा) – AQI 448
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रोहतक (हरियाणा) – AQI 444
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नांगली बहरामपुर, नोएडा (उत्तर प्रदेश) – AQI 438
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भिवानी (हरियाणा) – AQI 437
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ससरौली (हरियाणा) – AQI 433
आश्चर्य की बात यह है कि दिल्ली, जहाँ प्रदूषण पर सबसे अधिक चर्चा होती है, इस सूची में 13वें स्थान पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा और पंजाब के कई शहरों में प्रदूषण का मुख्य कारण पराली जलाना है।
विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर यही स्थिति बनी रही तो पेड़-पौधे और पर्यावरण दोनों ही गंभीर खतरे में आ सकते हैं। AQI (Air Quality Index) के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत में वायु प्रदूषण न केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि यह हमारे जीवन और भविष्य पर भी गहरा असर डाल रहा है।
“हवा इतनी जहरीली हो गई है कि हम अपनी ही कब्र खुद खोद रहे हैं,” पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है।

