श्रीनगर। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार हुए राज्यसभा चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुए। श्रीनगर विधानसभा परिसर में आयोजित मतदान में 88 में से 86 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि हिरासत में चल रहे विधायक मेहराज मलिक ने डाक मतपत्र से मतदान किया।
सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) गठबंधन ने कांग्रेस, पीडीपी, सीपीआई (एम), एआईपी और छह निर्दलीय विधायकों के समर्थन से निर्णायक बहुमत हासिल कर चार में से तीन सीटों पर आसान जीत दर्ज की। एनसी के उम्मीदवार चौधरी मोहम्मद रमजान, सज्जाद किचलू और शम्मी ओबेरॉय राज्यसभा में निर्वाचित घोषित किए गए।
चौथी सीट पर एनसी के इमरान नबी डार और भाजपा के सत शर्मा के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें भाजपा उम्मीदवार सत शर्मा ने 32 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
एनसी ने चुनाव पूर्व ही चारों सीटों पर विजय का विश्वास जताया था, जबकि पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (पीसी) ने मतदान से दूरी बनाई। एनसी नेताओं ने कहा कि यह परिणाम अनुच्छेद 370 के बाद की राजनीतिक स्थिरता और मतदाताओं के एनसी नेतृत्व वाले गठबंधन पर भरोसे का प्रतीक है।
इस चुनाव में एनसी ने चार उम्मीदवार — इमरान नबी डार, चौधरी मोहम्मद रमजान, सज्जाद किचलू और शम्मी ओबेरॉय — मैदान में उतारे, जबकि भाजपा ने सत शर्मा, गुलाम मोहम्मद मीर और राकेश महाजन को उम्मीदवार बनाया था।
कांग्रेस और पीडीपी ने एनसी प्रत्याशियों को समर्थन दिया। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और निर्वाचन आयोग ने इसे पूरी तरह निष्पक्ष करार दिया।

