– स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर खोज रही कुष्ठ रोगी
– समुदाय में कुष्ठ रोग के प्रति जागरुक भी करेंगी टीम
आगरा। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को कुष्ठ रोगी खोजी अभियान का शुभारंभ हुआ। अभियान के तहत 23 मार्च तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें कुष्ठ रोगियों की खोज करेंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के अंतर्गत 4905 टीमों द्वारा घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज की जाएगी। दो वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों की जांच की जाएगी। कुष्ठ रोग की पुष्टि होने के बाद में एमडीटी से उनका निशुल्क उपचार शुरू किया जाएगा। जिससे ऐसा व्यक्ति कुष्ठ मुक्त होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर सके।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार लवानिया ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआ-छूत की बीमारी नहीं है। कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें। यह आम रोगों की तरह ही है, जो मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) से ठीक हो जाता है। लेकिन समय पर इलाज न किया जाए तो यह बीमारी बड़ा रूप भी ले सकती है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों को खोजेगी।
डिप्टी डीएलओ व त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव गोपाल ने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो वेक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु से होता है। यह साथ खाने, उठने, बैठने से नहीं फैलता है। यह आनुवांशिक एवं छुआछूत रोग नहीं है। इस कारण कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव न करें| यदि किसी को कुष्ठ रोग के लक्षण दिखाई दें तो उसकी जांच कराएं। कुष्ठ रोग की जांच व उपचार निःशुल्क हैं। समय से जांच और उपचार कराने से दिव्यांगता से भी बचा जा सकता है।
ऐसे की जा सकती है कुष्ठ रोग की पहचान
• त्वचा के रंग मे कोई भी परिवर्तन साथ ही उसमें पूर्ण रूप से सुन्नपन अथवा सुन्नपन का अहसास होता है।
• चमकीली व तैलीय त्वचा।
• कर्ण पल्लव का मोटा होना कर्ण पल्लव पर गांठ/त्वचा पर गांठ
• नेत्रों को बंद करने में दिक्कत या उससे पानी आना |
• भौहों का खत्म होना।
• हाथों में घाव या दर्द रहित घाव अथवा हथेली पर छाले
• कमीज या जैकेट के बटन बंद करने में असमर्थता।
• हाथ या पैर की उंगलियां का मुड़ना ।
• फुट ड्रॉप अथवा चलते समय पैर का घिसटना

