रामपुर रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां की बेटी नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम का 92 वर्ष की आयु में अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में निधन हो गया। 28 अक्टूबर 2025 को उनका इंतकाल हुआ और 29 अक्टूबर को उन्हें वहीं सुपुर्दे-खाक किया गया। उनके निधन से शाही परिवार में गहरा शोक व्याप्त है।
इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एन्ड कल्चरल हेरिटेज (INTACH), रुहेलखण्ड चैप्टर के सह संयोजक काशिफ खां ने बताया कि नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम का जन्म 24 जनवरी 1933 को रामपुर में हुआ था। उन्होंने मसूरी और लखनऊ में शिक्षा प्राप्त की। उनकी पहली शादी भारतीय सिविल सेवा अधिकारी सैयद तकी नक़ी से हुई थी, जबकि दूसरी शादी पाकिस्तान के एयर चीफ मार्शल अब्दुर्रहीम खां से हुई, जो बाद में स्पेन में पाकिस्तान के राजदूत भी रहे।
1977 में अमेरिका आने के बाद उन्होंने इंटरनेशनल सेंटर फॉर लैंग्वेज स्टडीज़ में उर्दू और हिंदी की शिक्षिका के रूप में काम किया। नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम के चार संतानें थीं, जिनमें उनके बेटे ज़ैन नकी और दो बेटियां ज़ेबा हुसैन व मरयम खान जीवित हैं। एक बेटे आबिद खान का निधन पहले ही हो चुका है।
नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम अंतिम शासक की छ: बेटियों में दूसरे नंबर की थीं। उनके निधन से शाही खानदान को अपूरणीय क्षति पहुंची है। अंतिम शासक के पौत्र पूर्व मंत्री नवेद मियां ने इसे परिवार के लिए बहुत बड़ा नुकसान बताया, जबकि बहू पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने भी गहरा दुख व्यक्त किया।

