आगरा। नववर्ष 2026 के पहले दिन गुरुवार को मौसम खराब रहने के बावजूद ताजमहल देखने के लिए पर्यटकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह स्मारक के दरवाजे खुलने से लेकर शाम को बंद होने तक ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा, जबकि व्यवस्थाएं कई जगहों पर ध्वस्त नजर आईं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिनभर में टिकट लेकर 42,363 पर्यटकों ने ताजमहल का दीदार किया। यदि 15 वर्ष तक के निशुल्क प्रवेश पाने वाले बच्चों को शामिल किया जाए, तो यह संख्या 65 हजार से अधिक पहुंच गई। आगरा किला समेत शहर के अन्य स्मारकों में भी पर्यटकों की भारी भीड़ रही। ताज नेचर वॉक, सूर सरोवर पक्षी विहार और शाहजहां गार्डन में भी बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी पहुंचे।
पिछले वर्ष 2025 के पहले दिन टिकट लेकर 42,411 पर्यटकों ने ताजमहल देखा था, जो लगभग इस वर्ष के बराबर है। क्रिसमस की छुट्टियों से ही ताजमहल पर पर्यटकों की आमद शुरू हो गई थी, हालांकि वर्ष 2025 के अंतिम दिन 31 दिसंबर को उम्मीद के विपरीत भीड़ कम रही थी। उस दिन बीते चार वर्षों में सबसे कम 27,187 पर्यटक ही ताजमहल देखने पहुंचे थे। ऐसे में नए साल का पहला दिन पर्यटन कारोबार के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है।
सुबह 11 बजे के बाद पश्चिमी गेट पर स्थिति ज्यादा खराब हो गई। टिकट विंडो, टर्न स्टाइल गेट पर टिकट स्कैनिंग और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर पर सुरक्षा जांच के लिए पर्यटकों को लंबा इंतजार करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नीम तिराहा से ही लाइन लगवाकर पर्यटकों को प्रवेश कराया।
दोपहर एक बजे के बाद पूर्वी गेट पर भी भीड़ का दबाव बढ़ गया और यहां भी लंबी कतारें लग गईं। ताजमहल के अंदर रॉयल गेट, सेंट्रल टैंक और मुख्य मकबरे पर ऊपर जाने के लिए चमेली फर्श तक लाइनें लगी रहीं। कई पर्यटकों को आधे से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
नववर्ष के पहले दिन ताजमहल पर उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, वहीं पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह दिन राहत और उम्मीद लेकर आया।

