संवाद — विनोद मिश्रा
बांदा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पिछले चुनाव की अपेक्षा नामांकन पत्र का शुल्क और जमानत राशि को दोगुनी कर दिया है। साथ ही खर्च की सीमा में बढ़ोतरी की गई है। इससे अब पंचायत चुनाव महंगा हो गया है।
ग्राम पंचायत सदस्य पद के सामान्य उम्मीदवारोंं के लिए नामांकन पत्र का शुल्क 200 रुपये रखा गया है। जमानत राशि 800 रुपये जमा करनी होगी। अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ा वर्ग व महिला उम्मीदवारों के लिए यह राशि आधी होगी। वे अधिकतम 10 हजार रुपये खर्च कर सकेंगे।
सामान्य के लिए प्रधान पद के लिए नामांकन शुल्क 600 रुपये और जमानत राशि तीन हजार है।आरक्षित वर्ग के लिए नामांकन शुल्क 300 रुपये और जमानत राशि 1500 रुपये रखी गई है। चुनाव में अधिकतम 1.25 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए सामान्य के लिए नामांकन शुल्क 600 रुपये तय किया है। आरक्षित के लिए रकम आधी रहेगी। जमानत राशि 1500 रुपये रखी गई। चुनाव में अधिकतम एक लाख रुपये खर्च कर सकेंगे।
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन शुल्क एक हजार रुपये हैं। जमानत राशि आठ हजार रुपये रखी गई है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिला उम्मीदवारों के लिए नामांकन शुल्क 500 रुपये व जमानत राशि चार हजार रुपये रखी गई है। इस श्रेणी के उम्मीदवार 2.50 लाख तक खर्च कर सकते हैं।
इसी प्रकार, क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के लिए नामांकन शुल्क दो हजार रुपये व जमानत राशि पांच हजार रुपये तक रखी गई है। आरक्षित वर्ग के लिए एक हजार व जमानत राशि दो हजार 500 रुपये रखी गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन शुल्क तीन हजार व जमानत राशि 25 हजार रुपये रखी गई है। आरक्षित वर्ग के लिए 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। उम्मीदवार सात लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं।

