नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओमान की आधिकारिक यात्रा के दौरान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ऑर्डर ऑफ ओमान (प्रथम श्रेणी)” से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सुल्तान द्वारा प्रदान किया गया। यह सम्मान भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, रणनीतिक सहयोग बढ़ाने और आपसी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रधानमंत्री मोदी की अहम भूमिका के लिए दिया गया है।
“ऑर्डर ऑफ ओमान” देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है, जो इससे पहले विश्व की कई महान हस्तियों को प्रदान किया जा चुका है। इनमें यूनाइटेड किंगडम की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, जापान के सम्राट अकिहितो, दक्षिण अफ्रीका के महान नेता नेल्सन मंडेला और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय जैसे नाम शामिल हैं। इस प्रतिष्ठित सूची में प्रधानमंत्री मोदी का नाम जुड़ना भारत के लिए एक बड़ी राजनयिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे थे, जो उनकी तीन देशों की विदेश यात्रा का अंतिम पड़ाव था। इससे पहले वे जॉर्डन और इथियोपिया का दौरा कर चुके थे। उल्लेखनीय है कि ओमान पहुंचने से एक दिन पहले इथियोपिया सरकार ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ग्रेट ऑर्डर ऑफ ऑनर ऑफ इथियोपिया” से सम्मानित किया था।
मस्कट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय और छात्रों को संबोधित करते हुए प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय समुदाय सह-अस्तित्व, सहयोग और सांस्कृतिक सद्भाव का जीवंत उदाहरण है तथा विश्व मंच पर भारत की सकारात्मक छवि को सशक्त करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज हम सभी एक परिवार के रूप में एकत्रित हैं और अपने देश तथा ‘टीम इंडिया’ की उपलब्धियों का उत्सव मना रहे हैं।” उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विविधता पर जोर देते हुए कहा कि विविधता भारतीय सभ्यता की सबसे मजबूत नींव है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को और मजबूत करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार मिल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक साख, सक्रिय विदेश नीति और खाड़ी देशों के साथ मजबूत होते संबंधों को दर्शाते हैं। यह सम्मान भारत-ओमान संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय सहयोग को भी और सुदृढ़ करेगा।

