नई दिल्ली। देशभर में यात्री बसों में लगातार बढ़ रही आग लगने की घटनाओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार सुबह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान बस एवं ट्रक बॉडी निर्माता संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बैठक में मंत्रालय के नए नियमों के चलते छोटे निर्माताओं को आ रही दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब हाल के महीनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में बसों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई यात्रियों की जान तक चली गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन हादसों के पीछे खराब वायरिंग, घटिया सामग्री का इस्तेमाल और असुरक्षित मरम्मत कार्य प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, कई बसों में आपातकालीन निकास द्वारों की कमी और अत्यधिक ज्वलनशील इंटीरियर ने हादसों को और घातक बना दिया है।
इन घटनाओं के मद्देनजर सरकार ने बस बॉडी निर्माण के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। अब निर्माताओं को स्वीकृत डिजाइन कोड का पालन करना और अग्निरोधी सामग्री का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।
हालांकि, छोटे निर्माताओं का कहना है कि ये नियम बड़े उद्योगों को फायदा पहुंचाते हैं, क्योंकि उनके पास संसाधन और तकनीकी क्षमता अधिक है, जबकि छोटे वर्कशॉप पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
बैठक के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि लाइसेंसिंग प्रक्रिया काफी महंगी और समय लेने वाली है। उन्होंने बताया कि नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि उद्योग की समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जाएगा।
इस मुद्दे पर अब सरकार और उद्योग के बीच संतुलन बनाने की चुनौती सामने है, ताकि सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना छोटे निर्माताओं को भी राहत मिल सके।

