- गुरुवार को 47 स्वास्थ्य इकाइयों पर आयोजित होगा पीएमएसएमए दिवस
- गर्भवती महिलाओं की की जाएगी प्रसव पूर्व जांच
आगरा, जनपद में 47 स्वास्थ्य इकाइयों पर गुरुवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस (पीएमएसएमए) आयोजित होगा। एक अप्रैल 2026 से एक जुलाई तक 25318 गर्भवतियों को पीएमएसएमए दिवस पर प्रसव पूर्व जांच की जा चुकी है।
यह भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निशुल्क प्रसवपूर्व देखभाल उपलब्ध कराना है। यह दिवस प्रत्येक माह की 1, 9, 16 एवं 24 तारीख को आयोजित किया जाता है। इस अभियान का उद्देश्य गर्भवती को व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल उपलब्ध कराकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना है। गर्भावस्था के दौरान रक्त की कमी एक गंभीर समस्या है और इसे नियंत्रित करने के लिए चार बार रक्त जांच कराना आवश्यक है। इस पीएमएसएमए दिवस पर एमबीबीएस चिकित्सक व स्त्रीरोग विशेषज्ञ द्वारा गर्भवती की जांच सुनिश्चित की जाती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस जनपद की 47 स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रत्येक माह में चार बार आयोजित किया जाता है। इस पीएमएसएमए दिवस के दौरान गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का वितरण, आयरन सुक्रोज, अल्ट्रासाउंड, यूरिन, हीमोग्लोबिन, शुगर, सिफलिस, वजन, पेट की जांच, हेपेटाइटिस बी, ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, सीबीसी और एचआईवी, टीबी की जांच की जाती हैं। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे प्रत्येक माह आयोजित होने वाले पीएमएसएमए दिवस में आकर अपनी प्रसवपूर्व जांच अवश्य कराएं।

डिप्टी सीएमओ (आरसीएच) डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस से गर्भवती को सुरक्षित मातृत्व सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलती है और मातृ मृत्यु दर को कम करने में भी सहायता मिलती है। वित्तीय वर्ष एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 129478 गर्भवतियों ने पीएमएसएमए दिवस पर प्रसवपूर्व जांच कराई। जांच के दौरान 14944 उच्च जोखिम वाली गर्भवती को चिन्हित हुईं। सभी को संदर्भित सभी को संदर्भित किया जा चुका है। एक अप्रैल 2026 से एक जुलाई तक 25318 गर्भवतियों को पीएमएसएमए दिवस पर प्रसव पूर्व जांच की गई है, इनमें 3128 उच्च जोखिम वाली गर्भवती चिन्हित हुईं, इन सभी को संदर्भित किया जा चुका है।

जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता संगीता भारती ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस के दौरान आने वाली गर्भवतियों को प्रसवपूर्व जांच के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है। उन्होंने बताया कि जिला महिला अस्पताल (लेडी लॉयल) और एसएन मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 21,921 गर्भवतियों ने अल्ट्रासाउंड कराया। वहीं 1 अप्रैल 2026 से 1 जुलाई 2026 तक 4,661 गर्भवतियों द्वारा अल्ट्रासाउंड कराया जा चुका है।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरीपर्वत वेस्ट की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीनम चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर गर्भवती महिलाओं और उनके तीमारदारों को गर्भावस्था के दौरान समय पर प्रसवपूर्व जांच एवं उसके लाभों के संबंध में काउंसलिंग प्रदान की जाती है। इसके साथ ही परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी जाती है। दंपतियों को “बास्केट ऑफ च्वॉइस” की सहायता से परिवार नियोजन के स्थायी/अस्थायी साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरीपर्वत वेस्ट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरय वेगा निवासी 28 वर्षीय दुर्गेश ने बताया कि वह 7 माह की गर्भवती हैं। उन्होंने अपनी सभी प्रसवपूर्व जांच प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर ही कराई हैं।दुर्गेश ने बताया कि सबसे पहले नर्सिंग ऑफिसर संध्या यादव द्वारा उनकी जांच की गई। जांच रिपोर्ट आने पर डॉ. वीनम चतुर्वेदी ने बताया कि उनका हीमोग्लोबिन 7 ग्राम है, जो सामान्य से काफी कम है। वह गंभीर एनीमिया से ग्रस्त हैं। इसके लिए उन्हें आयरन सुक्रोज की डोज दी जाएगी। साथ ही खानपान पर विशेष ध्यान रखने, पौष्टिक आहार लेने और समय-समय पर आराम करने की सलाह दी गई।दुर्गेश ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर की सलाह का पालन किया और नियमित जांच कराई। अब उनका हीमोग्लोबिन बढ़कर 10.8 हो गया है। चिकित्सक द्वारा उनके परिवार के सदस्यों को भी काउंसलिंग की गई, जिससे घर के कामों में उन्हें काफी सहयोग मिला।उन्होंने कहा कि अस्पताल में ही प्रसव कराने के संबंध में उन्हें जानकारी दी गई है और वह अपनी डिलीवरी भी अस्पताल में ही कराएंगी।

