नई दिल्ली: देशभर में इंडिगो की उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि मंत्रालय यात्रियों की समस्याओं को नहीं सुन सकता, तो उसे चलाने का कोई औचित्य नहीं है।
एएनआई से बातचीत में चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि डीजीसीए यात्रियों की सुरक्षा और अधिकारों के बजाय एयरलाइन के हितों की सेवा कर रहा है।
उन्होंने बताया,
“मैंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया था। उम्मीद थी कि मंत्री संसद में स्थिति स्पष्ट करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। देर रात बैठक कर निर्देश जारी किए गए, लेकिन जब अभी भी इतनी उड़ानें रद्द हो रही हैं, तो इन निर्देशों का लाभ क्या है? यदि मंत्रालय बढ़ती टिकट कीमतों और शिकायतों के लिए जिम्मेदार नहीं, तो इसे बंद कर दीजिए।”
दिल्ली में आधी रात तक सभी इंडिगो उड़ानें रद्द
परिचालन संबंधी अव्यवस्थाओं के कारण दिल्ली से उड़ान भरने वाली सभी इंडिगो उड़ानें आधी रात तक रद्द कर दी गईं, जिससे यात्रियों में भारी नाराज़गी देखी गई।
डीजीसीए के अनुसार, इंडिगो ने 10 फरवरी 2026 तक ए320 बेड़े के लिए FDTT (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों से अस्थायी छूट मांगी है और दावा किया है कि तब तक परिचालन सामान्य हो जाएगा।
देशभर में 500 से अधिक उड़ानें रद्द या विलंबित
चल रहे परिचालन संकट के कारण देशभर में 500 से अधिक इंडिगो उड़ानें रद्द या विलंबित हुईं।
कई हवाई अड्डों पर यात्रियों को—
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स्पष्ट जानकारी के बिना इंतजार
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भोजन और पानी की कमी
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वैकल्पिक यात्रा विकल्प न मिलना
—जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
यात्रियों का आरोप है कि कर्मचारियों की कमी और क्रू के नए नियम इस अव्यवस्था की बड़ी वजह हैं।

