आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सत्र 2024 से संचालित AEDP (Apprenticeship Embedded Degree Programme) पाठ्यक्रमों की समीक्षा की गई। बैठक में छात्रों के लिए अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और रोजगारोन्मुख शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत AEDP के नोडल अधिकारी प्रो. शरद चन्द्र उपाध्याय ने सभी प्रतिभागियों के स्वागत के साथ की। इस दौरान विभिन्न महाविद्यालयों द्वारा पाठ्यक्रम संचालन में आ रही समस्याओं और चुनौतियों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया गया कि विश्वविद्यालय और CRISP के सहयोग से सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
🎯 अप्रेंटिसशिप को अनिवार्य बनाने पर जोर
बैठक में CRISP की प्रतिनिधि निहारिका यादव ने जानकारी दी कि अब सभी छात्रों के लिए नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के माध्यम से छात्रों को अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके ही शहर या आसपास के क्षेत्रों में इंटर्नशिप उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। महाविद्यालयों को BOAT के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने के निर्देश भी दिए गए।
💰 स्टाइपेंड और कोर्स विस्तार
विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक बैच में छात्रों की संख्या निर्धारित की जाएगी। अप्रेंटिसशिप के दौरान छात्रों को न्यूनतम ₹12,300 प्रतिमाह स्टाइपेंड BOAT के माध्यम से दिया जाएगा, जिसका वहन सरकार या संबंधित उद्योग करेगा।
वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा BBA (रिटेल, टूरिज्म एवं मैनेजमेंट), BBA लॉजिस्टिक्स और B.Com (BFSI) जैसे AEDP पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 20 नए AEDP कोर्स को भी स्वीकृति मिल चुकी है।
👥 प्रमुख सहभागिता
बैठक में डीन मैनेजमेंट प्रो. यू.एन. शुक्ला सहित प्रो. के.पी. तिवारी, प्रो. विनय जैन, डॉ. के.के. पचौरी, डॉ. विक्रांत शास्त्री, डॉ. स्वाति माथुर, डॉ. रुचिरा प्रसाद, डॉ. प्रवीण यादव, डॉ. श्रद्धा सिंह, डॉ. रहीबा मलिक, डॉ. जितेंद्र सिंह समेत अनेक शिक्षकों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
साथ ही आगरा कॉलेज, सेंट जॉन्स कॉलेज, बैकुंठी देवी कॉलेज, दाऊ दयाल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन और सेठ पदमचंद जैन इंस्टीट्यूट सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही।
📢 विश्वविद्यालय की अपील
विश्वविद्यालय प्रशासन ने NAAC मान्यता प्राप्त संस्थानों से आह्वान किया है कि वे सत्र 2026-27 से AEDP पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी से संपर्क करें।
👉 यह बैठक शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, उद्योग-संलग्न और रोजगारपरक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

