1.79 लाख करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई
लखनऊ/नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सहारा समूह के डिप्टी मैनेजिंग वर्कर ओ.पी. श्रीवास्तव को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। श्रीवास्तव पर 1.79 लाख करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग, निवेशकों के साथ धोखाधड़ी और शेल कंपनियों के माध्यम से अवैध धन को छिपाने के गंभीर आरोप हैं।
ईडी ने यह कार्रवाई देशभर में दर्ज 500 से अधिक एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत शुरू की गई जांच के अंतर्गत की है। एजेंसी को संदेह है कि दिवंगत सुब्रत रॉय के देहांत के बाद सहारा समूह की कई गुप्त संपत्तियों की अवैध बिक्री में श्रीवास्तव की भूमिका रही है।
इस मामले में इससे पहले सहारा समूह के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल अब्राहम और प्रॉपर्टी ब्रोकर जितेंद्र वर्मा की गिरफ्तारी हो चुकी है। न्यायालय ने श्रीवास्तव को भगोड़ा घोषित करते हुए उनकी संपत्तियों की कुर्की का आदेश भी जारी किया है।
निवेशकों की प्रमुख मांगें
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सहारा की पैतृक संपत्तियों की नीलामी कर निवेशकों को पैसा लौटाया जाए।
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सेबी–सहारा रिफंड खाते में जमा राशि बढ़ाई जाए।
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मामले में शामिल अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
ईडी ने बताया कि श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर 14 जुलाई तक पूछताछ की जाएगी। एजेंसी संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है। साथ ही निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी शिकायतें लिखित रूप में दर्ज कराएं, जिससे जांच प्रक्रिया तेज हो सके।

