बरौली अहीर। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से सभी पाप नष्ट हो जाते है और व्यक्ति मोक्ष को प्राप्त होता हो जाता है राजा परीक्षित ने भी श्रीमद्भागवत की कथा सुन कर भगवान के धाम को प्राप्त किया था।यह कहना है कथा ब्यास चन्द्र कान्त जी महराज का।कहरई स्थिति सेंटर पार्क राम रघु एग्जाटिका मारूति सिटी रोड पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को एमएलसी विजय शिवहरे, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष पंडित देवेन्द्र रावत ने श्रीमद्भागवत की आरती उतार कर शुरूआत की।कथावाचक चन्द्र कान्त जी महराज ने राजा परीक्षित मोक्ष का प्रसंग सुनाया।

चन्द्र कान्त जी महराज ने कहा कि राजा परीक्षित पर कलियुग का प्रभाव पड़ा और उन्होंने शमीक ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया था। इस घटना के बाद ऋषि के पुत्र श्रृंगी ऋषि ने राजा परीक्षित को श्राप दिया कि इस सांप का वंशज तक्षक सातवें दिन राजा परीक्षित को काट लेगा। तब शमीक ऋषि ने अपने शिष्य गोमुख को बुलाकर राजा परीक्षित के यहां भेजा और कहां राजा परीक्षित से कहना कि आप अपनी मुक्ति का मार्ग ढूंढ ले। सातवें दिन तुम्हें तक्षक नाम का सांप काट लेगा।राजा परीक्षित ने सब कुछ छोड़ कर गंगा नदी के किनारे चलें जाते हैं वहां वे सुखदेव मुनि से श्रीमद्भागवत कथा का श्रावण करते हैं जिससे उन्हें भौतिक संसार से वैराग्य हो जाता है और वे मृत्यु के बाद मोक्ष प्राप्त करते हैं।
आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, पूर्व पार्षद संजीव चौबे, पूर्व चेयरमैन सहकारी बैंक गंगाधर कुशवाह, संजय चौहान हरेन्द सिंह,नीरज परमार, देवेन्द्र त्यागी, सतीश त्यागी, सुरेन्द्र चौधरी, परीक्षित ब्रज रावत, बैजनाथ रावत आदि मौजूद रहे।

