लखनऊ/नोएडा। उत्तर प्रदेश में चल रहे SIR (Special Intensive Revision) अभियान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। नोएडा समेत कई जिलों में बीएलओ और सुपरवाइज़रों की लापरवाही पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी है। इसी बीच न्याय योद्धा अयाज़ खान अच्छू ने चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मौजूद मतदाता सूचियों में गंभीर गड़बड़ियों को उजागर करते हुए कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, नोएडा में SIR अभियान में लापरवाही बरतने पर 60 BLO और 7 सुपरवाइज़र के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी है, जिससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में बड़ी अनियमितताओं के संकेत मिल रहे हैं।
इसी बीच, न्याय योद्धा अयाज़ खान अच्छू ने चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध मथुरा जनपद की 2003 की मतदाता सूची में कई विधानसभा क्षेत्रों और बूथों के पूरी तरह गायब होने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में ऐसी त्रुटियाँ “संवैधानिक अपराध” की श्रेणी में आती हैं।
अयाज़ खान अच्छू ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में पारदर्शिता, जवाबदेही, और पूर्ण सत्यापन की मांग की है। उन्होंने आम नागरिकों से भी मताधिकार की सुरक्षा के लिए सजग रहने और गलतियों को लेकर आवाज़ उठाने की अपील की है।
इन आरोपों ने प्रदेश के राजनीतिक माहौल में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए हैं और स्थानीय अधिकारियों को मतदाता सूची की दोबारा जाँच और संशोधन के लिए पत्र लिखने की तैयारी कर रहे हैं।
SIR अभियान और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर उठे सवालों ने यूपी में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता, पारदर्शिता, और मताधिकार की सुरक्षा पर गंभीर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस विवाद के राजनीतिक और कानूनी असर देखे जा सकते हैं।

