बिना अनुमति काटा तो FIR, जुर्माना और 6 माह की जेल तय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आम, नीम, शीशम, सागौन, पीपल, बरगद, महुआ, बेल और जामुन समेत 29 प्रमुख प्रजातियों के पेड़ों की कटाई पर लगा प्रतिबंध अब 31 दिसंबर 2027 तक बढ़ा दिया गया है।
यह प्रतिबंध हाल ही में समाप्त हुआ था, लेकिन हरित आवरण को बचाने के लिए सरकार ने इसे दो वर्ष और आगे बढ़ा दिया।
❗ बिना अनुमति काटा तो होगी कड़ी कार्रवाई
- वन विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य
- उल्लंघन पर FIR दर्ज
- भारी आर्थिक जुर्माना
- 6 महीने तक की जेल
🌱 1 पेड़ काटेंगे तो 10 लगाने होंगे
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी को अनुमति मिलती है तो प्रति पेड़ 10 नए पौधे लगाने और उनकी देखभाल का शपथपत्र देना अनिवार्य होगा। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है।
🌿 कौन-कौन से पेड़ हैं शामिल?
आम (कलमी/तुकमी), नीम, साल, महुआ, बीजा साल, पीपल, बरगद, गूलर, पाकड़, अर्जुन, पलाश, बेल, चिरौंजी, खिरनी, कैथा, इमली, जामुन, असना, कुसुम, रीठा, भिलावा, तून, सलई, हल्दू, बाकली/करधई, धौ, खैर, शीशम और सागौन।
👉 सरकार का कहना है कि यह फैसला प्रदेश में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए लिया गया है।
(Times of Taj – विशेष रिपोर्ट)

