केंद्र व राज्य सरकारों को नोटिस, हाईपॉवर कमेटी करेगी 100 मीटर ऊंचाई की परिभाषा की समीक्षा
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों से संबंधित अपने पूर्व आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अब एक हाईपॉवर कमेटी गठित की जाएगी, जो अरावली क्षेत्र को लेकर निर्धारित 100 मीटर की ऊंचाई वाली परिभाषा पर पुनर्विचार करेगी। माना जा रहा है कि इस परिभाषा के कारण विकास परियोजनाओं, खनन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई अहम प्रश्न खड़े हो गए थे।
अदालत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, इसलिए सभी पहलुओं पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को निर्धारित की गई है।
इस बीच, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि अरावली पहाड़ियों को बचाने के लिए उनकी फासीवादी नीतियों और पूंजीवादी हितों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोका जा सके और भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखा जा सके।

