आगरा: नहर वाली मस्जिद के खतीब मुहम्मद इक़बाल आज शुक्र के नमाज़ में दिल्ली में भइल बम धमाका पर गहरा दुख जतावत कहलन कि इसलाम में कवनो बेकसूर आदमी के मारेला कबहियो इजाजत नइखे।
नमाज़िये से सवाल करत इक़बाल कहलन:
“का जिंदगी बचावे वाला, जिंदगी ले सकेला?”
ऊ कहलन कि दिल्ली धमाका में जवन लोग मुअ गइलन, आ उनका परिवार पर जवन दुख के पहाड़ टूटल बा, पूरा मुस्लिम समाज उनका साथे खड़ा बा। घायल लोग के जल्दी ठीक होखे के दुआ करत इक़बाल कहलन कि धमाका अतना भयावह रहल कि लोग के देह के टुकड़ा दूर–दूर तक बिखरल मिलल।
इक़बाल साफ कहले:
“दुनिया में कवनो मुसलमान एह हमला के समर्थन ना कर सकत। हमनी के एह कुकर्म के कड़ा निंदा करेली आ सरकार से मांग करेली कि एह साजिस के परदा–फास करके असली दोषियन के सख्त सजा दिआ जाव।”
ऊ ई भी कहले कि डाक्टर के पेशा इज्जत, रहम, इंसानियत पर टिकल बा, लेकिन एह घटना से एह पाक पेशा के बदनाम करे के कोशिश भइल बा।
कुरान के साफ संदेश
खुतबा में ओह लोग कुरान शरीफ के सूरह माएदा, आयत 32 के हवाला देत कहलन:
“जे कवनो बेकसूर के मारेला, ऊ मानो पूरा इंसानियत के मार देला।
आ जे कवनो एक आदमी के जान बचावेला, ऊ पूरा इंसानियत के बचा लेला।”
इक़बाल कहलन कि इसलाम के असली पैगाम बा – जिंदगी बचावल, अमन फैलावल, आ जुल्म के खिलाफ खड़ा होखल।
ऊ चेतावनी देत कहलन:
जे मुसलमान ई शिक्षा के खिलाफ चली, ऊ कुरान के इनकार करे वाला में गिनाई, आ अल्लाह के सजा के हकदार होई।
अंत में इक़बाल कहलन:
“अगर इंसानियत के रक्षक लोगे जान लेबे लागी, त दुनिया फेर जंगल बन जाए।
जे लोग एह दर्दनाक हादसा के जिम्मेदार बा, का ऊ अपना रब के सामने जवाब दे सकेला?”

