फर्रुखाबाद / लखनऊ सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 29 मार्च 2026 को नोएडा (दादरी) से 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के लिए अपना अभियान शुरू किया, जो 2012 के चुनावी ‘जादू’ को दोहराने की रणनीति है। 2027 के लिए यह शंखनाद वेस्ट यूपी में 140 सीटों पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना है।

अखिलेश यादव ने नोएडा से रैली शुरू कर 2012 की सफलता को दोहराने की कोशिश की है।
दादरी के मेहर भोज डिग्री कॉलेज ग्राउंड में ‘समाजवादी समानता भाईचारा रैली’ की गई।
फोकस: सपा की नज़र पश्चिमी यूपी के 32 जिलों की 140 विधानसभा सीटों पर है. गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे शहरी इलाके बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं, इसलिए यहां से रैली सपा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस रैली को कामयाब बनाने के लिए पिछले 8 महीने से सपा पदाधिकारी तैयारी कर रहे थे.
मुद्दे: महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, और पीडीए (PDA – पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला के साथ बीजेपी को घेरने की योजना है।
संदेश: यह 2027 के मिशन का आगाज है।
अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी समानता भाईचारा रैली के लिए जनसंपर्क जारी फर्रुखाबाद कन्नौज छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र में
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी और उनके छोटे भाई पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत तहसीन सिद्दीकी ने समाजवादी समानता भाईचारा रैली’ को लेकर गांव-गांव जाकर लोगों को सपा की नीतियां बता रहे

तहसीन सिद्दीकी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि यह कूच बदलाव का संकेत है और फर्रुखाबाद कन्नौज छिबरामऊ की जनता समाजवादी पार्टी के साथ खड़ी नजर आ रही है। उन्होंने दोनों जिले के वासियों से पार्टी का सहयोग करने की अपील की, ताकि आने वाले समय में क्षेत्र का विकास और मजबूत हो सके।
ताहिर हुसैन सिद्दीकी ने कहा है कि 2027 का विधानसभा चुनाव देश को बचाने का चुनाव है। यह लोकतंत्र और संविधान बचाने का चुनाव है
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के हक और सम्मान की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार देश और प्रदेश में केवल कुछ गिने-चुने लोगों के हित में काम कर रही है जबकि समाजवादी पार्टी बहुसंख्यक गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं की आवाज बनकर खड़ी है।

