राष्ट्रीय गीत की 150वीं सालगिरह पर हुई बहस में प्रियंका गांधी ने चुनावी राजनीति पर हमला, मोदी ने इतिहास पर जवाबी वार किया
नई दिल्ली: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोकसभा में हुई बहस ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि इस बहस का उद्देश्य देशवासियों की ध्यानधारणा असली मुद्दों से हटाना और इसे आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जोड़कर राजनीतिक लाभ उठाना है। उन्होंने कहा, “आप चुनाव के पक्ष में हैं, हम देश के पक्ष में हैं। हम चाहे जितने भी चुनाव हार जाएं, आपकी सोच से हम लड़ते रहेंगे।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब में कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता के बाद भी वंदे मातरम के साथ समझौता किया। उन्होंने बताया कि 1905 में बंगाल विभाजन के दौरान वंदे मातरम ने लोगों को एकता का संदेश दिया और यह गीत स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गया। मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग को खुश करने के लिए गीत के कुछ हिस्से अलग कर दिए, जिससे स्वतंत्रता आंदोलन की भावना को ठेस पहुँची।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर भाषण में इतिहास बदलने की कोशिश करते हैं और हर बहस को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बताया कि वंदे मातरम पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री ने नेहरू का नाम 14 बार और कांग्रेस का 50 बार लिया।
प्रियंका गांधी ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री ने नेहरू पर लगाए गए सभी आरोपों की सूची तैयार करें ताकि इस विषय पर व्यापक बहस हो सके। उन्होंने कहा कि संसद का मूल्यवान समय बेरोजगारी और महंगाई जैसे जनहित के मुद्दों पर इस्तेमाल होना चाहिए।

