भगवान श्रीकृष्ण सुदामा की मित्रता है एक मिशाल — चन्द्र कान्त जी महराज
बरौली अहीर। मित्रता हो तो श्रीकृष्ण- सुदामा जैसी होनी चाहिए जो एक मिशाल बने लोग उसका उदाहरण दें।यह कहना था ब्यास पीठ चन्द्र कान्त जी महराज का । कहरई स्थिति सेंटर पार्क राम रघु एग्जाटिका मारूति सिटी रोड पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में दाऊ जी महराज धाम (मथुरा) से आएं ख्याति प्राप्त कथा व्यास चन्द्र कान्त जी महराज ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया। आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का आरती उतार कर मेयर हेमलता दिवाकर, मंत्री पुत्र अभिनव मौर्या, जिला अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा पंडित देवेन्द्र रावत ने संयुक्त रूप से किया।

कथा ब्यास चन्द्र कान्त जी महराज ने भक्तों को रसपान कराते हुए कहा कि मित्रता सुदामा और श्रीकृष्ण जैसी होनी चाहिए सुदामा जी भगवान कृष्ण के परम मित्र थे। भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन पोषण करते। गरीबी के बावजूद भी हमेशा भगवान के ध्यान में मग्न रहते। पत्नी सुशीला सुदामा से बार बार आग्रह करती कि आपके मित्र तो द्वारकाधीश है। उनसे जाकर मिलो शायद वह हमारी मदद कर दें। सुदामा पत्नी के कहने पर द्वारका पहुंचते हैं और जब द्वारपाल भगवान कृष्ण को बताते हैं कि सुदामा नाम का ब्राम्हण आया है। कृष्ण यह सुनकर नंगे पैर दौङकर आते हैं और अपने मित्र को गले से लगा लेते । उनकी दीन दशा देखकर कृष्ण के आंखों से अश्रुओं की धारा प्रवाहित होने लगती है। सुदामा जी को सिंघासन पर बैठाकर श्रीकृष्ण सुदामा के चरण धोते हैं। सभी पटरानियां सुदामा से आशीर्वाद लेती हैं। सुदामा जी विदा लेकर अपने स्थान लौटते हैं तो भगवान कृष्ण की कृपा से अपने यहां महल बना पाते हैं लेकिन सुदामा जी अपनी फूंस की बनी कुटिया में रहकर भगवान का सुमिरन करते हैं।
इस लिए कहा गया है कि जब जब भक्तों पर विपदा आई है प्रभु उनका तारण करने जरुर आते हैं। भगवान श्रीकृष्ण सुदामा की चरित्र की कथा सुन भक्त भाव विभोर हो गए। कथा ब्यास चन्द्र कान्त जी महराज ने राजा परीक्षित की कथा भक्तों को सुनाते हुए कहा कि शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सात दिन तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई, जिससे उनके मन से मृत्यु का भय निकल गया। तक्षक नाग आता है और राजा परीक्षित को डस लेता है। राजा परीक्षित कथा श्रवण करने के कारण भगवान के परमधाम को पहुंचते है।
आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में एमएलसी विजय शिवहरे,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू भदौरियां,महापौर हेमलता दिवाकर, कैबिनेट मंत्री पुत्र अभिनव मौर्या, सुनील भराला, गिर्राज सिंह कुशवाह,पंडित अशोक शर्मा, पंडित सचिन शर्मा,अनुराग शर्मा, परीक्षित महेश चंद्र रावत, बैजनाथ रावत, ब्रज रावत, आदि मौजूद रहे।

