आगरा। खोया गली, बालूगंज स्थित खानकाहे आलिया साबिरिया रमज़ानिया में हज़रत ख्वाजा शैखुल मशाइख, पीर-ए-तरीक़त, रहबर-ए-शरीअत, आफताब-ए-हक़ीक़त व मारिफ़त, आले पंजतनी हज़रत पीर अल्हाज तसदुक हुसैन अलमारूफ़ रमज़ान अली शाह चिश्ती साबरी रहमतुल्लाह अलैह का छठवाँ सालाना उर्स बुज़ुर्गों की रसम-ओ-रिवाज के साथ बड़े अदब व एहतराम से मनाया गया। उर्स में दूर-दराज़ से आए अकीदतमंदों और मुरीदों ने बड़ी तादाद में शिरकत कर दरगाह पर हाज़िरी दी और फ़ातिहा व दुआ में हिस्सा लिया।
इस मौके पर खानकाह के सज्जादानशीन पीरजादा अल्हाज कासिम अली शाह चिश्ती साबरी रमज़ानवी की सरपरस्ती में कुरआनख़्वानी, फ़ातिहा, नात व मनक़बत और दुआ का एहतमाम किया गया। उर्स की महफ़िल में सूफी परंपरा के मुताबिक़ अमन, मोहब्बत और इंसानियत का पैग़ाम दिया गया।
उर्स में शहर के कई उलेमा, सूफिया और सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की।
जिनमें प्रमुख रूप से हाफिज इस्लाम शाह कादरी, सैय्यद डॉ. ईशाद मियां अबू इलाही ऐरारी, बशीर उल हक़ रॉकी ( शहर अध्यक्ष अल्पसंख्यक कांग्रेस ) इंजिनियर मुहम्मद आदिल( आल इंडिया उलेमा बोर्ड ) शमीम कुरैशी, सैय्यद रिजवान करार अकबर आबादी, ताजे सूफी मोर अली अंसारी मियां लियाकती, मौलाना दिलकश जालोनवी, अब्दुल सईद खांन आगई, सैय्यद जाकिर मियां, एन. के. अब्बास, चांद अकबर आबादी, डॉ. जमील, सूफी सरवत हुसैन रहमानी आरिफी, सैय्यद तारिक मियां, सूफी शकील चिश्ती साबरी जलेसरी, हनीफ मियां (नगर निगम), मुन्ना खलीफा, अकरम खान, असलम खान, इमरान बाबा, रामदयाल, इंतजार अहमद, नासिर अहमद, फारूख मियां, जावेद कुरैशी चिश्ती साबरी, सोएब अहमद चिश्ती साबरी और सूफी समीउद्दीन समेत कई अन्य अकीदतमंद मौजूद रहे।
उर्स के मौके पर देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे और इंसानियत की भलाई के लिए खास दुआ की गई। कार्यक्रम के अंत में लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।

