रमज़ान की रूहानी फिज़ा में 7 साल की अनाबिया हसन और 6 साल के मोहम्मद इमादुल हसन ने पूरे उत्साह और खुशी के साथ रोज़ा रखकर सबका दिल जीत लिया। डॉ. मोहम्मद अहतेशामुल हसन के ये नन्हे बच्चे इतनी कम उम्र में इबादत के प्रति जो लगन दिखा रहे हैं, वह वाकई सराहनीय है।
दिन भर सब्र और मुस्कुराहट के साथ रोज़ा पूरा करना उनके मजबूत इरादे और अच्छी परवरिश का सबूत है। परिवार वालों और जान-पहचान के लोगों ने उन्हें दिल से मुबारकबाद दी और दुआओं के साथ उनका हौसला बढ़ाया।
इफ्तार से पहले दोनों बच्चों ने मासूमियत और सच्चे दिल से दुआ की—अल्लाह से सबकी भलाई, तरक्की और अच्छी सेहत की कामना की। ऐसे पाक जज़्बात ही रमज़ान की असली रौनक हैं।
अल्लाह तआला इन नन्हे रोज़ेदारों का यह नेक अमल क़बूल फरमाए, उन्हें दीन और दुनिया में कामयाबी अता करे और हमेशा अपनी हिफाज़त में रखे।

