आगरा। शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बशीर उल हक रॉकी ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ruhollah Khomeini के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे “एक ऐतिहासिक दौर का समापन” बताते हुए कहा कि भारत ने अपना एक विश्वसनीय और पारंपरिक मित्र खो दिया है।
रॉकी ने कहा कि जिन लोगों की जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़ी रही हैं, उनके लिए खुमैनी साहब का ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुँचना एक ऐतिहासिक अध्याय था। उनके अनुसार, ईरान और भारत के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान ने कई अवसरों पर भारत का समर्थन किया और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी अहम सहयोगी की भूमिका निभाई। भारत की तेल आपूर्ति में ईरान की भागीदारी लंबे समय तक महत्वपूर्ण रही है।
बशीर उल हक रॉकी ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए भारत सरकार से स्पष्ट और संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि विश्व व्यवस्था में एकतरफा दबाव की राजनीति हावी होती है, तो इसका असर वैश्विक शांति और विकास पर पड़ सकता है।
अंत में उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

