नई दिल्ली।दीवाली के बाद राजधानी दिल्ली और एनसीआर की हवा एक बार फिर ‘जहरीली’ हो गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार, सोमवार सुबह से ही कई क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर श्रेणी’ (Severe Category) में दर्ज किया गया। प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिर्फ ‘ग्रीन पटाखों’ को जलाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन कई स्थानों पर लोगों ने अवैध पटाखे भी फोड़े, जिससे वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट आई। दिल्ली के आनंद विहार, जहांगीरपुरी, विवेक विहार, और नोएडा सेक्टर-62 जैसे इलाकों में AQI 450 से ऊपर दर्ज किया गया है, जो कि बेहद खतरनाक स्तर है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्से — गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद और नोएडा — ‘रेड जोन’ में पहुंच गए हैं। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत निर्माण कार्यों पर रोक और स्कूलों में छुट्टी जैसे उपायों पर विचार शुरू कर दिया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे हालात में बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। डॉक्टरों ने लोगों से बाहर निकलते समय N-95 मास्क पहनने और सुबह की वॉक या आउटडोर एक्सरसाइज से बचने की सलाह दी है।
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