दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता उमर ख़ालिद ने अपनी बहन के निकाह में शामिल होने के लिए अदालत से अंतरिम ज़मानत की मांग की है। उनकी ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 27 दिसंबर को उनकी बहन का निकाह निर्धारित है और परिवार के इस अत्यंत महत्वपूर्ण समारोह में उनका उपस्थित रहना आवश्यक है।
उमर ख़ालिद ने 14 दिसंबर से 29 दिसंबर तक अंतरिम जमानत देने की प्रार्थना की है, ताकि वे परिवार के साथ निकाह की तैयारियों और कार्यक्रम में शामिल हो सकें।
अदालत ने उनकी अर्जी स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 11 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कर दी है। सुनवाई के दौरान अदालत यह तय करेगी कि उन्हें मांगी गई अवधि के लिए अस्थायी राहत प्रदान की जाए या नहीं।

