लेखक: अज़हर उमरी
भारत अपनी समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए विश्व में प्रसिद्ध है। हमारे देश में कई ऐसे स्मारक हैं जो न केवल वास्तुकला और कला के अद्भुत उदाहरण हैं, बल्कि भारतीय इतिहास और संस्कृति की कहानियाँ भी बयान करते हैं। इन्हीं धरोहरों की सुरक्षा और महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) हर साल विश्व धरोहर सप्ताह मनाता है।
इस वर्ष विश्व धरोहर सप्ताह 19 से 25 नवम्बर तक मनाया जाएगा। इसके पहले दिन, 19 नवम्बर को, आगरा स्थित ताजमहल समेत सभी स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। मुख्य मकबरे में 200 रुपये का अतिरिक्त प्रवेश शुल्क रहेगा। इस अवसर पर आगरा सर्किल की अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिथा एस. कुमार ने विशेष आदेश जारी किए हैं।
कार्यक्रम और गतिविधियाँ
विश्व धरोहर सप्ताह के दौरान विभिन्न स्मारकों पर कई रोचक और शिक्षाप्रद गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। आगरा किले में उद्घाटन समारोह के साथ स्वतंत्रता आन्दोलन पर आधारित फोटो प्रदर्शनी लगाई जाएगी। ताजमहल में स्मारक संरक्षण कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी 25 नवम्बर तक चलेगी।
विद्यार्थियों के लिए भी कई प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें चित्रकला, देशभक्ति गीत गायन, वाद-विवाद और काव्य पाठ शामिल हैं। मेहताब बाग में देशभक्ति गीत प्रतियोगिता और फतेहपुर सीकरी में वाद-विवाद तथा हेरिटेज वाक का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिताएँ विशेष रूप से कक्षा सातवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए रखी गई हैं।
महत्व
विश्व धरोहर सप्ताह केवल स्मारकों का जश्न नहीं है, बल्कि यह हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत और इतिहास के प्रति सजग करता है। यह सप्ताह हमें स्मारकों के संरक्षण के महत्व को समझने और आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें सुरक्षित रखने की प्रेरणा देता है।
अतः यह सप्ताह न केवल विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए ज्ञानवर्धक है, बल्कि हमारे देश की समृद्ध संस्कृति और इतिहास की पहचान को भी उजागर करता है। हमें चाहिए कि हम इस सप्ताह का भरपूर लाभ उठाएँ और हमारे राष्ट्रीय धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।

