मानसिक स्वास्थ्य केवल मानसिक रोगियों के लिए नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के जीवन का अहम हिस्सा है। आज के तेज़ जीवन में तनाव, चिंता, अवसाद जैसी समस्याएँ आम होती जा रही हैं। मानसिक स्वास्थ्य ठीक होने पर ही व्यक्ति जीवन में संतुलन बनाए रख सकता है, सही निर्णय ले सकता है और सामाजिक व पेशेवर जीवन में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
इस दिन के मुख्य उद्देश्य:
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
मानसिक रोगों से जुड़े कलंक और भेदभाव को दूर करना।
तनाव, अवसाद और अन्य मानसिक समस्याओं के समाधान के उपाय साझा करना।
सभी उम्र के लोगों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और संगठनों द्वारा संगोष्ठियाँ, कार्यशालाएँ और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लोग अनुभव साझा करते हैं और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझते हुए समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी करना उतना ही खतरनाक है जितना शारीरिक स्वास्थ्य की अनदेखी। संतुलित जीवन के लिए सही खानपान, पर्याप्त नींद, व्यायाम, ध्यान और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक हैं। इस विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने और अपने प्रियजनों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे और समाज में जागरूकता फैलाएंगे।

लेखक – सना उमरी
(बाल मनोवैज्ञानिक )

