लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि देश की आजादी के लिए तलवार और तोप का सामना करने, फांसी पर चढ़ने और अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले लोगों के योगदान को पिछली सरकारों ने वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों के दौर में विस्थापित हुए लोगों को फिर से स्थापित करने और उन्हें उनके संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए एनडीए सरकार लगातार काम कर रही है।
संजय निषाद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता निर्बल वर्गों को सबल बनाना है। उन्होंने कहा कि देश को आजाद कराने और संविधान निर्माण की राह तैयार करने में उजड़े-बिखरे समाजों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, लेकिन लंबे समय तक सत्ता में रहे लोगों ने उनकी समस्याओं और अधिकारों की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए निषाद ने कहा कि यदि सत्ता में रहते शहीदों को याद किया जाता, तिरंगा यात्राएं निकाली जातीं और देश की आजादी के संघर्ष में योगदान देने वाले उजड़े समाजों के उत्थान के लिए काम किया जाता तो उसका अलग महत्व होता। उन्होंने दावा किया कि अब एनडीए सरकार ऐसे समाजों को सम्मान देने और उन्हें मुख्यधारा में आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
कैबिनेट मंत्री ने समाजवादी पार्टी पर महिलाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में महिलाओं के लिए पर्याप्त काम नहीं किया गया। ऐसे में अब उनसे किसी बड़े बदलाव की उम्मीद करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोगों को केवल आर्थिक सहायता या पैसा बांटने के बजाय ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। लोकतंत्र में सीधे पैसा देना स्थायी समाधान नहीं है। सरकार को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ लोगों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और सहयोग भी देना चाहिए।
संजय निषाद ने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों के दौर में विस्थापित हुए लोगों को दोबारा स्थापित करने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जो लोग पिछली व्यवस्थाओं के ‘गजट और बजट’ का शिकार रहे हैं, उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए वह आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
