बेंगलुरु, 15 अगस्त 2026। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आजादी की लड़ाई में RSS की भूमिका पर सवाल उठाते हुए संगठन से उन सदस्यों के नाम बताने की चुनौती दी, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में अपनी जान गंवाई।
खड़गे ने कहा कि RSS से उनका सीधा सवाल है कि संगठन आजादी की किस लड़ाई में शामिल था। उन्होंने दावा किया कि वह स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहीद हुए 500 कांग्रेस सदस्यों की सूची दे सकते हैं और RSS से कम से कम 50 ऐसे लोगों के नाम बताने को कहा, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में बलिदान दिया हो।
कर्नाटक के गृह मंत्री ने विभाजन के बाद हुए सांप्रदायिक तनाव और दंगों को लेकर भी RSS पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि उस दौर में लोगों की सुरक्षा और सांप्रदायिक तनाव कम करने में संगठन की क्या भूमिका थी।
खड़गे ने RSS के संगठनात्मक और कानूनी दर्जे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी संगठन पर प्रतिबंध लगाने के लिए उसके पंजीकरण की स्थिति महत्वपूर्ण हो सकती है। इस मुद्दे पर उन्होंने RSS के नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए संगठन की कानूनी स्थिति पर सवाल उठाया।
प्रस्तावित कानून पर भी बोले खड़गे
प्रियांक खड़गे के बयान ऐसे समय आए हैं जब कर्नाटक में सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। राज्य सरकार ‘कर्नाटक सरकारी परिसर और सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग के नियमन से संबंधित विधेयक, 2026’ लाने की तैयारी में है।
प्रस्तावित कानून के तहत किसी भी संगठन को सरकारी परिसर या सार्वजनिक संपत्ति में कार्यक्रम आयोजित करने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक होगा। सरकार का कहना है कि नियम सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होंगे।
RSS की शाखाओं जैसी गतिविधियों पर इस कानून के संभावित प्रभाव को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साध रही है। हालांकि, खड़गे ने बीजेपी के इस आरोप को खारिज किया कि प्रस्तावित कानून विशेष रूप से RSS को निशाना बनाने के लिए लाया जा रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी विधेयक के प्रावधानों को पढ़े और समझे बिना उसका विरोध क्यों कर रही है। खड़गे ने कहा कि प्रस्तावित कानून में किसी संगठन, संघ, संस्थान या राजनीतिक दल का नाम नहीं लिखा गया है और नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे।
नोट: उपरोक्त रिपोर्ट में प्रियांक खड़गे द्वारा लगाए गए आरोप और राजनीतिक दावे उनके बयानों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
