नई दिल्ली। UGC-NET की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। एजेंसी ने प्रश्नपत्रों में बड़ी संख्या में त्रुटियां और पहले पूछे जा चुके सवालों के दोहराव को इसका प्रमुख कारण बताया है।
NTA के अनुसार इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में इतनी अधिक गड़बड़ियां थीं कि कुछ प्रश्न हटाकर समस्या का समाधान संभव नहीं था। इसलिए इन विषयों की पूरी परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है। अभ्यर्थियों से पुनर्परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
9 और 10 सितंबर को होगी दोबारा परीक्षा
NTA की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक तीनों विषयों की पुनर्परीक्षा इस प्रकार होगी—
- अंग्रेजी: 9 सितंबर, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक
- वाणिज्य: 9 सितंबर, दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक
- समाजशास्त्र: 10 सितंबर, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र और अन्य जरूरी जानकारी से संबंधित निर्देश NTA की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे।
84 विषयों की उत्तर कुंजी जारी, तीन विषयों की रोकी गई
NTA ने रविवार को UGC-NET के कुल 87 में से 84 विषयों की अस्थायी उत्तर कुंजी जारी कर दी थी। हालांकि अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की उत्तर कुंजी जारी नहीं की गई। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं।
अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद NTA ने एक समिति गठित कर मामले की जांच कराई। समिति की जांच में प्रश्नपत्रों में कई गंभीर त्रुटियां सामने आईं।
प्रश्नपत्रों में मिलीं कई तरह की गलतियां
जांच के दौरान प्रश्नपत्रों में तथ्य संबंधी गलतियां, छपाई की त्रुटियां, अनुवाद संबंधी गलतियां, नामों की गलत वर्तनी, पुस्तकों के नामों में गड़बड़ी, गलत तरीके से लिखे गए प्रश्न, व्याकरण और विराम चिह्नों की त्रुटियां पाई गईं।
इसके अलावा स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक शब्दों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। समिति ने यह भी पाया कि कुछ प्रश्न पहले आयोजित परीक्षाओं में पूछे जा चुके थे और उन्हें दोबारा प्रश्नपत्र में शामिल किया गया था।
अंग्रेजी के पेपर में सवाल दोहराने का आरोप
अंग्रेजी विषय के अभ्यर्थियों ने दावा किया था कि 150 में से 67 प्रश्न वर्ष 2024 की परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से हूबहू मिलते थे। अभ्यर्थियों के अनुसार कई मामलों में प्रश्नों के विकल्पों का क्रम भी समान था।
इसके बाद वाणिज्य विषय के प्रश्नपत्र में भी प्रश्न दोहराए जाने को लेकर शिकायतें सामने आईं।
समाजशास्त्र के प्रश्नपत्र में नामों की गलतियां
समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों ने भी प्रश्नपत्र में कई गंभीर त्रुटियों की शिकायत की थी। अभ्यर्थियों के मुताबिक रिट्जर की जगह पुट्जर, पार्सन्स की जगह पार्सो और घुर्ये की जगह घुन्ये जैसे नाम लिखे गए। इसके अलावा ए. आर. देसाई के नाम को भी गलत तरीके से लिखे जाने की शिकायत की गई।
हिंदी अनुवाद और पाठ्यक्रम से संबंधित कुछ सवालों को लेकर भी अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी।
2024 में भी रद्द हुई थी UGC-NET परीक्षा
गौरतलब है कि जून 2024 में भी UGC-NET परीक्षा आयोजित होने के एक दिन बाद रद्द करनी पड़ी थी। गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित होने संबंधी जानकारी मिलने के बाद परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी।
बाकी 84 विषयों के परिणाम पर असर नहीं
NTA ने स्पष्ट किया है कि अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की पुनर्परीक्षा का बाकी 84 विषयों के परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इन विषयों के परिणाम निर्धारित समय पर जारी किए जाएंगे।
एजेंसी के अनुसार कनिष्ठ शोध अध्येता (JRF) के आवंटन के साथ-साथ सहायक प्रोफेसर और पीएचडी पात्रता प्रमाणपत्र जारी करने में भी देरी नहीं होगी।
सहायक प्रोफेसर पात्रता के लिए सफल अभ्यर्थियों की संख्या जून में हुई परीक्षा और पुनर्परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों में से जिस परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होगी, उसके छह प्रतिशत के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
