रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती के जरिए की गई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने चयनित अभ्यर्थियों को बहाल करने का भी निर्देश दिया है।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। राज्य सरकार ने मंगलवार को कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) की भूमिका को लेकर सीआईडी जांच से सामने आए तथ्यों के आधार पर परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने की घोषणा की थी।
अदालत ने कहा कि उचित प्रक्रिया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना चयनित उम्मीदवारों को सेवा से हटाया नहीं जा सकता। कोर्ट ने झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की गई है।
इनमें से दो याचिकाएं 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और उसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले के खिलाफ दाखिल की गई हैं, जबकि तीसरी याचिका फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती से संबंधित है।
याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा के जरिए चयनित 342 उम्मीदवार वर्तमान में नौकरी कर रहे हैं। राज्य सरकार के फैसले के बाद इन नियुक्तियों पर संकट खड़ा हो गया था, लेकिन हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है।
राज्य सरकार ने कथित परीक्षा अनियमितताओं के आधार पर 22 परीक्षाओं को रद्द, छह परीक्षा प्रक्रियाओं को स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने की अधिसूचना जारी की थी।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जेपीएससी के चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब सरकार और जेपीएससी के जवाब के बाद मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
