देश के 48 उत्कृष्ट शिक्षकों में कौशाम्बी, गाजियाबाद और बलिया के शिक्षक शामिल
लखनऊ। देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों के लिए घोषित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 में उत्तर प्रदेश का डंका बजा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जारी सूची में देश के चयनित 48 उत्कृष्ट शिक्षकों में उत्तर प्रदेश के तीन शिक्षकों ने स्थान बनाया है। कौशाम्बी, गाजियाबाद और बलिया के इन शिक्षकों को आधुनिक तकनीक, नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों और उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
यूपी के तीन शिक्षकों का चयन
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित उत्तर प्रदेश के शिक्षकों में शामिल हैं—
- डॉ. रेनू त्रिपाठी — राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, विजय नगर, गाजियाबाद
- डॉ. इफ़्तिखार खान — राजकीय इंटर कॉलेज, जगदीशपुर, बलिया
- शालिनी कुशवाहा — कंपोजिट स्कूल रसूलाबाद, कोईलाहा, कौशाम्बी
तीनों शिक्षकों ने अपने विद्यालयों में पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक, गतिविधि आधारित शिक्षा और नवाचारों को अपनाकर विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाया है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दी बधाई
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीनों चयनित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के समर्पण और नवाचारपूर्ण शिक्षण प्रयासों ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट मानदंड स्थापित किए हैं। उनके योगदान से प्रदेश की नई पीढ़ी को बेहतर दिशा और उज्ज्वल भविष्य का आधार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गुरुजनों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इससे अन्य शिक्षक भी शिक्षण में नए प्रयोग और नवाचार करने के लिए प्रेरित होंगे।
डॉ. इफ़्तिखार खान को पहले भी मिल चुका है अंतरराष्ट्रीय सम्मान
बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ़्तिखार खान को वर्ष 2024 में उत्कृष्ट योगदान के लिए नोबेल टैलेंट इंटरनेशनल अवार्ड 2024 मिल चुका है। यह पुरस्कार उन्हें नेपाल सरकार की ओर से प्रदान किया गया था।
उनके मार्गदर्शन में पढ़ने वाले कई छात्र कला के क्षेत्र में आईआईटी और एनआईडी से एम.डेस तथा प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से बीएफए और एमएफए की पढ़ाई कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में सेवाएं दे रहे हैं।
खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाती हैं शालिनी
कौशाम्बी के कंपोजिट विद्यालय रसूलाबाद (कोइलहा) में कार्यरत शिक्षिका शालिनी कुशवाहा अपने अभिनव प्रयोगों और नवाचारपूर्ण शिक्षण के लिए पहले भी कई पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं।
वह बच्चों को पारंपरिक तरीकों के बजाय खेल-खेल और गतिविधि आधारित पद्धति से पढ़ाती हैं। टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से वह कठिन विषयों को भी बच्चों के लिए सरल और रोचक बनाती हैं।
उनकी इस पहल से कक्षा का माहौल अधिक खुशनुमा हुआ और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता के साथ विद्यालय में उनकी उपस्थिति में भी सुधार हुआ।
डॉ. रेनू त्रिपाठी को पहले भी मिल चुका है सम्मान
गाजियाबाद के विजय नगर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की विज्ञान शिक्षिका डॉ. रेनू त्रिपाठी को इससे पहले भी उनके उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें वर्ष 2022 में उत्तम अध्यापक पुरस्कार मिला था। इसके अलावा 16 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रतिष्ठित शिक्षण अधिगम पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
पादप कोशिका जैसे कठिन विषयों को प्रोजेक्ट आधारित तरीके से सरल बनाकर विद्यार्थियों को समझाने के उनके प्रयास को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन में महत्वपूर्ण माना गया है।
उत्तर प्रदेश के इन तीनों शिक्षकों का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
