बाढ़ और तबाही के बीच विदेशी पर्यटकों का भी पता नहीं, भारत के 288 नागरिकों से संपर्क टूटा
वॉशिंगटन। चीन और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। गुरुवार तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक कम से कम 359 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,400 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है, जो पर्यटन, ट्रैकिंग और धार्मिक यात्राओं के लिए इन क्षेत्रों में पहुंचे थे।
नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, देश में 910 लोग लापता हैं। इनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 50 विदेशियों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला जा चुका है।
लापता लोगों में नेपाली पर्यटकों के अलावा सेना और पुलिस के जवान तथा रसुवा और नुवाकोट के स्थानीय लोग भी शामिल हैं।
🇨🇳 चीन के तिब्बत में भी भारी तबाही
चीन के सरकारी मीडिया CCTV के अनुसार तिब्बत के गिरोंग काउंटी में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 558 लोग लापता बताए गए हैं। इनमें करीब 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल में भी करीब 100 चीनी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
🇮🇳 भारत के 288 नागरिक लापता
भारत के लिए भी यह खबर बेहद चिंताजनक है। विदेश मंत्रालय के अनुसार 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 73 लोग एक बिजली परियोजना में कार्यरत बताए गए हैं।
इसके अलावा कई भारतीय पर्यटक कैलाश पर्वत की यात्रा पर गए हुए थे, जिनसे संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई है।
🌍 30 से ज्यादा देशों के नागरिकों का पता नहीं
इस आपदा ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—
🇺🇸 अमेरिका — 90
🇺🇦 यूक्रेन — 55
🇲🇾 मलेशिया — 51
🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया — 39
🇬🇧 ब्रिटेन — 33
🇨🇦 कनाडा — 25
🇰🇷 दक्षिण कोरिया — 9
🇸🇬 सिंगापुर — 8
🇩🇪 जर्मनी — 8
🇷🇺 रूस — 8
🇿🇦 दक्षिण अफ्रीका — 6
🇱🇻 लातविया — 6
🇯🇵 जापान — 5
🇳🇿 न्यूजीलैंड — 5
🇫🇷 फ्रांस — 4
🇧🇪 बेल्जियम — 3
🇪🇸 स्पेन — 3
इसके अलावा कई अन्य देशों के नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं।
🚨 बाढ़ के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नेपाल और चीन के प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। खराब मौसम, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और लगातार बदलते हालात के कारण बचाव दलों के सामने बड़ी चुनौतियां हैं।
सबसे बड़ी चिंता उन विदेशी पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लेकर है, जिनसे अब तक संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।
एक आपदा… दर्जनों देश चिंतित
नेपाल और तिब्बत में आई इस प्राकृतिक तबाही ने सिर्फ दो देशों को नहीं, बल्कि दुनिया के 30 से ज्यादा देशों को चिंता में डाल दिया है। अब पूरी दुनिया की नजर राहत और बचाव अभियान पर है।
