मां रो-रोकर हुई परेशान, ताज सुरक्षा पुलिस ने 30 मिनट में लौटाई चेहरे की मुस्कान
आगरा। ताजमहल घूमने आए बिहार के नालंदा निवासी नागदेव पासवान का तीन वर्षीय बच्चा सोमवार को पर्यटकों की भीड़ के बीच अपने परिजनों से बिछड़ गया। बच्चा ताजमहल में प्रवेश के दौरान लगी लंबी लाइनों में भीड़ के कारण परिवार से अलग हो गया और रोते हुए वापस पश्चिमी पार्किंग की ओर जाने लगा।
इसी दौरान ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम के प्रभारी उप निरीक्षक शिवराज सिंह की नजर रोते हुए बच्चे पर पड़ी। उन्होंने तत्काल बच्चे को अपने साथ लिया और उसे शांत कराया। बच्चा छोटा होने के कारण अपना नाम-पता या परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा था।
मामले की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक तिलक राम भाटी के निर्देशन में ताज सुरक्षा पुलिस ने बच्चे के परिजनों की तलाश शुरू कर दी। टीम ने ताजमहल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही रेडियो अनाउंसमेंट कराया गया और आरटी सेट के माध्यम से सभी सुरक्षा बिंदुओं पर बच्चे के संबंध में सूचना प्रसारित की गई।
ताज सुरक्षा पुलिस की सक्रियता और क्विक रिस्पांस टीम की तत्परता के चलते महज 30 मिनट के भीतर बच्चे के माता-पिता को खोज लिया गया। इसके बाद बच्चे को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बच्चे के बिछड़ने से उसके माता-पिता बेहद परेशान थे और मां का रो-रोकर बुरा हाल था। जैसे ही ताज सुरक्षा पुलिस ने बच्चे को सकुशल उनके सुपुर्द किया, परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। परिजनों ने आगरा पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।
ताज सुरक्षा पुलिस के अनुसार, यह पहला मौका नहीं है जब क्विक रिस्पांस टीम ने किसी बिछड़े बच्चे को उसके परिजनों से मिलाया हो। टीम द्वारा पूर्व में भी कई बच्चों और पर्यटकों को उनके परिवारों से मिलाकर उनकी खुशियां लौटाई गई हैं।
ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर ताज सुरक्षा पुलिस की इस तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की पर्यटकों द्वारा भी सराहना की जा रही है।
पुलिस टीम में शामिल रहे
- उप निरीक्षक शिवराज सिंह
- महिला मुख्य आरक्षी शालिनी शर्मा
- आरक्षी शुभम अहलावत
