लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनगणना-2027 का दूसरा और अंतिम चरण पूरा करा लिया जाएगा। अधिसूचना जारी होने के बाद जनगणना की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी।
जनगणना के लिए 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे को संदर्भ समय माना जाएगा। इसके बाद 5 से 9 जनवरी तक जुटाए गए आंकड़ों का पुनरीक्षण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण चरण में उत्तर प्रदेश में छह लाख से अधिक जनगणना कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
16 नवंबर से मिलेगा स्वगणना का मौका
जनगणना निदेशालय के अनुसार, घर-घर गणना शुरू होने से पहले नागरिकों को 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके माध्यम से लोग स्वयं और अपने परिवार से संबंधित निर्धारित जानकारियां दर्ज कर सकेंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण 16 सितंबर से शुरू होकर सितंबर माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले फरवरी 2027 में होनी थी गणना
जनगणना के दूसरे चरण का कार्यक्रम पहले 9 से 28 फरवरी 2027 तक निर्धारित किया गया था और इसके लिए 1 मार्च 2027 को संदर्भ तिथि तय की गई थी। अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को देखते हुए कार्यक्रम में बदलाव किया गया है, ताकि चुनाव से पहले जनगणना का यह चरण पूरा कराया जा सके।
परिवार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां होंगी दर्ज
दूसरे चरण की गणना के दौरान परिवारों से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इनमें परिवार में बच्चों की संख्या, कोविड-19 टीकाकरण का स्थान, बैंक खातों की कुल संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट नंबर (यदि उपलब्ध हो) और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित जानकारी भी शामिल होगी।
पहले चरण में करीब छह करोड़ मकानों का सूचीकरण
उत्तर प्रदेश में जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक पूरा किया गया था। इस दौरान मकानों का सूचीकरण किया गया। लोगों को 7 से 21 मई तक स्वगणना की सुविधा भी दी गई थी। पहले चरण में करीब पांच लाख कर्मियों ने जिम्मेदारी संभाली।
प्रदेश के लगभग 1.04 लाख गांवों और 14,983 वार्डों में स्थित 3,90,717 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में यह कार्य पूरा किया गया। इस दौरान करीब छह करोड़ मकानों का सूचीकरण किया गया।
एक परिवार में औसतन पांच सदस्य मानने पर प्रदेश की आबादी करीब 30 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, उत्तर प्रदेश की वास्तविक आबादी का आधिकारिक आंकड़ा जनगणना के दूसरे चरण के पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
