पहले दिन कुरान ख्वानी, फातिहा और लंगर तकसीम का आयोजन, देर रात तक पेश किए गए सूफियाना कलाम
आगरा। हजरत सैयदना शेख अब्दुल कादिर जीलानी गौसे आजम के उर्स-ए-पाक के अवसर पर मनाई जाने वाली ग्यारहवीं शरीफ मेवा कटरा स्थित आस्ताना-ए-आलिया कादरिया में अकीदत और एहतराम के साथ मनाई जा रही है। दो दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद पहुंचे।
आयोजन के पहले दिन कुरान ख्वानी, फातिहा और लंगर तकसीम का आयोजन किया गया। अकीदतमंदों ने आस्ताना-ए-आलिया कादरिया पर हाजिरी लगाकर मुल्क में अमन-ओ-अमान, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ की। इस दौरान गौसे आजम की सीरत, अजमत और शिक्षाओं पर भी रोशनी डाली गई।
आस्ताना-ए-आलिया कादरिया के सज्जादानशीन सैय्यद सिनवान अहमद शाह कादरी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए मशहूर कव्वालों ने गौसे आजम की याद में सूफियाना कलाम पेश किए। देर रात तक चली महफिल में जायरीन ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
सज्जादानशीन सैय्यद सिनवान अहमद शाह कादरी ने बताया कि कई दशकों से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्यारहवीं शरीफ का दो दिवसीय आयोजन आस्ताना-ए-आलिया कादरिया में अकीदत और शान-ओ-शौकत के साथ किया जा रहा है। पहले दिन बुधवार को असर की नमाज के बाद चांद की 10वीं और 11वीं रबी-उल-सानी के अवसर पर अलम शरीफ की जियारत कराई गई। इसके बाद लंगर तकसीम किया गया। ईशा की नमाज के बाद सूफियाना कलाम पेश किए गए।
उन्होंने बताया कि आयोजन के दूसरे दिन शाम को लंगर तकसीम के बाद महफिल-ए-समां और कव्वाली का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में संयोजक सैय्यद शमीम शाह, सैय्यद शिराज अहमद शाह, सैय्यद मेराजुद्दीन, सैय्यद अजमल अली, सैय्यद इरफान सलीम, सैय्यद अदीब शाह, सैय्यद नदीम हाशमी, सैय्यद शब्बीर अली सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा अजमेर शरीफ से हमजा चिश्ती, फतेहपुर सीकरी से अरशद फरीदी, ग्वालियर से राशिद खानूनी, बीकानेर से हाफिज फरमान अली, फिरोजाबाद से गुलाम समधानी तथा दरगाह अबुलउला से मोतशीन अली ने भी शिरकत की।
इस अवसर पर सैय्यद अशफाक अहमद, डॉ. सिराज कुरैशी, समी आगाई, सूफी मुबीन मियां, सैय्यद मतीन अहमद समेत शहर के गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
