चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, महाराष्ट्र, बंगाल और तमिलनाडु में बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराने की मांग
मुंबई। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ठाकरे ने यह मांग द इंडियन एक्सप्रेस की उस जांच रिपोर्ट के बाद उठाई, जिसमें चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कई बार आपत्ति दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठाकरे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने संधू और जोशी की ओर से अपनी आपत्तियां रिकॉर्ड पर दर्ज कराने के लिए उनका आभार भी जताया। ठाकरे का कहना था कि इन आपत्तियों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों को बल मिला है।
आयोग के फैसलों की जांच की मांग
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग के कामकाज की जांच कराने की मांग करते हुए आयोग के कथित तौर पर गलत फैसलों को रद्द करने की बात कही। उन्होंने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बैलेट पेपर के जरिए नए सिरे से चुनाव कराने की मांग भी रखी।
ठाकरे ने इस मुद्दे को किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित न बताते हुए विपक्षी दलों से इस पर एकजुट होने की अपील की। उनके अनुसार, यह चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा व्यापक मुद्दा है।
10 महीनों में 14 आपत्तियों की रिपोर्ट
द इंडियन एक्सप्रेस की जांच के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के कुछ निर्णयों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों का उल्लेख है।
वहीं, चुनाव आयोग ने रिपोर्ट के जवाब में कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार और सुझाव निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा पिछले एक वर्ष के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। आयोग ने 14 टिप्पणियों के अस्तित्व से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्हें निर्णय प्रक्रिया में दिए गए सुझावों के रूप में बताया।
Times of Taj
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