लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने 12 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित पदभार ग्रहण एवं स्वागत समारोह को स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में संविधान, लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए जारी संघर्ष के बीच स्वागत समारोह आयोजित करना उचित नहीं है।
श्रीमती मोना ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को और मजबूती देने का आह्वान किया। उन्होंने सभी कांग्रेसजनों से एकजुट होकर लोकतांत्रिक एवं अहिंसक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद, सांसद एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक प्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र निषाद तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श कर तय की जाएगी। इस प्रक्रिया में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम का मार्गदर्शन भी लिया जाएगा।
संविधान और मताधिकार की रक्षा सर्वोपरि
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता संविधान, लोकतंत्र और जनता के मतदान के अधिकार की रक्षा करना है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में तिरंगे की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उसी तिरंगे के नीचे आज लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संघर्ष जारी है।
उन्होंने संदेश दिया कि स्वागत और समारोह से पहले संविधान की रक्षा, लोकतंत्र की मजबूती और जनता के मताधिकार का सम्मान सर्वोपरि है।
— अयाज़ खान अच्छू, राहुल गांधी द्वारा ‘न्याय योद्धा’ सम्मान से सम्मानित।
