‘आसमान में उड़ने के लिए पंखों से ज्यादा हौसले की जरूरत होती है’ — डॉ. अर्चना साह
सराय। सफाली युवा क्लब की ओर से रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को सराय में सम्मान समारोह आयोजित कर मुंगेर विश्वविद्यालय के दो प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, डॉ. अर्चना साह और डॉ. शाहिद रज़ा जमाल को डीन बनने पर सम्मानित किया गया। डॉ. अर्चना साह को सामाजिक विज्ञान संकाय का डीन नियुक्त किया गया है, जबकि उर्दू विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शाहिद रज़ा जमाल को मानविकी संकाय का डीन बनाया गया है।
समारोह में दोनों शिक्षाविदों की शैक्षणिक उपलब्धियों, सामाजिक योगदान और सफाली युवा क्लब के साथ उनके जुड़ाव की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और समाज के विकास में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान करना सकारात्मक बदलाव को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
हौसले और आत्मविश्वास से मिलती है सफलता
अपने संबोधन में डॉ. अर्चना साह ने सफाली युवा क्लब के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि क्लब लोगों का हौसला बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का काम करता है। उन्होंने प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा, “आसमान में उड़ने के लिए पंखों से ज्यादा हौसले की जरूरत होती है।”
उन्होंने आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच को सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी बताया। साथ ही, लोगों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में सफाली युवा क्लब की भूमिका की सराहना की।
डॉ. फारूक अली के व्यवहार और कार्यशैली की सराहना
डॉ. शाहिद रज़ा जमाल ने सफाली युवा क्लब के अध्यक्ष डॉ. फारूक अली के व्यक्तित्व और कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डॉ. फारूक अली का सहज व्यवहार और आत्मीयता लोगों को उनसे जुड़ने तथा अपनी बात रखने का अवसर देती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की वास्तविक ताकत उसके मानवीय संबंधों, सहयोग की भावना और लोगों के प्रति अपनत्व में निहित होती है। आपसी विश्वास और आत्मीय व्यवहार ही लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षा और सामाजिक बदलाव के लिए सम्मान जरूरी
कार्यक्रम का संचालन सफाली युवा क्लब के अध्यक्ष डॉ. फारूक अली ने किया। उन्होंने दोनों शिक्षाविदों की उपलब्धियों और शैक्षणिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा, सद्भाव और सामाजिक बदलाव के लिए काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। ऐसे आयोजन न केवल उपलब्धियों का सम्मान करते हैं, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
समारोह की अध्यक्षता उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल के पूर्व प्राचार्य सबीह फैज़ ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, परिश्रम और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने दोनों शिक्षाविदों को नई जिम्मेदारियां मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके सफल कार्यकाल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद उमर फारूक, मोहम्मद मंज़र आलम, महबूब आलम, मोहम्मद इम्तियाज़, छोटू कुमार चंदन, मोहम्मद रेहान, सैयद जियाउल हक़, रूपा कुमारी सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। समारोह के अंत में गुलअफशा परवीन ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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