महफिल-ए-समा में सूफियाना कव्वाली ने बांधा समां, कुल शरीफ की रस्म के साथ संपन्न हुआ उर्स; पुलिस प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण आयोजन
फिरोजाबाद। हाजी फैयाज हुसैन शाह के 54वें उर्स मुबारक का समापन कुल शरीफ की रस्म के साथ अकीदत और रूहानियत के माहौल में हुआ। उर्स के दौरान अकीदतमंदों ने दरगाह पर हाजिरी देकर अमन-चैन, आपसी भाईचारे और मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। आयोजन में सूफी परंपरा और कौमी यकजहती का पैगाम दिया गया।
उर्स के अवसर पर 20 अक्टूबर को महफिल-ए-समा का आयोजन किया गया, जिसमें कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर समां बांध दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और दरगाह पर अपनी अकीदत पेश की।
कुल शरीफ की रस्म के साथ हुआ समापन
उर्स के दूसरे दिन सुबह 10 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके साथ ही 54वें उर्स मुबारक का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान रूहानी माहौल बना रहा और लोगों ने मुल्क में अमन, शांति, भाईचारे तथा खुशहाली के लिए दुआ की।
पुलिस प्रशासन की निगरानी में संपन्न हुआ आयोजन
उर्स का आयोजन मोहम्मदपुर चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार की देखरेख में तथा थाना रसूलपुर के प्रभारी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पुलिस की मुस्तैदी और सहयोग से कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखी गई।
सूफी खानकाह एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष ने की शिरकत
इस अवसर पर दरगाह के सज्जादानशीन सूफी वाहिद हुसैन, नायब सज्जादानशीन सूफी इमरान हुसैन, सूफी फरहान हुसैन और बीके बाबू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सूफी खानकाह एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष फैसल मियां ने भी उर्स में शिरकत की और दरगाह पर हाजिरी दी। उन्होंने मुल्क में अमन-चैन, आपसी मोहब्बत, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए दुआ की।
सूफी परंपरा और कौमी यकजहती का संदेश
54वें उर्स मुबारक का आयोजन धार्मिक आस्था और आपसी सद्भाव के माहौल में संपन्न हुआ। महफिल-ए-समा, कुल शरीफ और दुआओं के माध्यम से लोगों को मोहब्बत, इंसानियत, अमन-चैन और कौमी एकता का संदेश दिया गया।
डिस्क्लेमर: यह समाचार आयोजकों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। नामों और पदों की पुष्टि संबंधित पक्षों से की जा सकती है।
— TIMES OF TAJ
