मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता; मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों की रणनीति पर होगी चर्चा
नई दिल्ली। देश की राजनीति में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में गठबंधन के शीर्ष नेता बृहस्पतिवार शाम को वर्चुअल बैठक करेंगे। बैठक में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, विरोध-प्रदर्शनों और 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली की तैयारियों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आगे की कार्रवाई और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के संबंध में रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
1 नवंबर की दिल्ली रैली पर रहेगा फोकस
विपक्षी गठबंधन की इस बैठक में दिल्ली में 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली की तैयारियों की समीक्षा भी की जाएगी। विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का मुद्दा उठाते हुए सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े करते रहे हैं। हालांकि, ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं; इनकी पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब अलग से देखा जाना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के बाद आगे की रणनीति
कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं ने पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय तक मार्च किया था। इस घटनाक्रम के बाद गठबंधन के अगले कदमों और विरोध कार्यक्रमों को लेकर चर्चा तेज हुई है।
इससे पहले 13 अक्टूबर को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने आवास पर INDIA गठबंधन के प्रमुख नेताओं को चाय पर आमंत्रित किया था। इस बैठक में विपक्षी दलों के बीच कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने और इसे आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई थी।
चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा उठाने की तैयारी
विपक्षी गठबंधन की प्रस्तावित वर्चुअल बैठक को आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों के समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि गठबंधन देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों और दिल्ली की रैली को लेकर किस तरह आगे बढ़ेगा।
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध जानकारी और सूत्रों के हवाले से प्राप्त विवरण पर आधारित है। कथित ‘वोट चोरी’ से संबंधित आरोप विपक्षी दलों के दावे हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर समाचार को अपडेट किया जाना चाहिए।
— TIMES OF TAJ
