चार महीने पहले हुआ था प्रमोशन, ड्यूटी के दबाव और मानसिक तनाव का आरोप; रेलवे कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर किया प्रदर्शन
आगरा। उत्तर मध्य रेलवे के आगरा रेल मंडल में सहायक परिचालन प्रबंधक (एओएम) अभिषेक कुमार कुशवाहा की रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव डीआरएम कार्यालय स्थित चैंबर में सोफे पर मिला। घटना के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। मृतक की पत्नी आस्था रानी और मां सुशीला देवी ने परिचालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर अतिरिक्त ड्यूटी कराने और कार्य के अत्यधिक दबाव का आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से गाजीपुर निवासी अभिषेक कुमार कुशवाहा का करीब चार महीने पहले ही सहायक परिचालन प्रबंधक के पद पर प्रमोशन हुआ था। इससे पहले वह उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज के सतर्कता विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।
रविवार को प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीटी) के मद्देनजर उनकी ड्यूटी आगरा मंडल के डीआरएम कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम में लगाई गई थी। बताया गया है कि रात करीब 10 बजे ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह अपने चैंबर में पहुंचे। इससे पहले उन्होंने कुछ कर्मचारियों से तबीयत ठीक नहीं होने की बात कही थी।
रात करीब 10:30 बजे अधिकारियों ने चैंबर में जाकर देखा तो वह सोफे पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तत्काल रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पत्नी ने लगाया अतिरिक्त ड्यूटी और मानसिक तनाव का आरोप
अभिषेक की पत्नी आस्था रानी का आरोप है कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उनके पति से अतिरिक्त ड्यूटी कराते थे। काम के अत्यधिक दबाव के कारण वह मानसिक तनाव में रहते थे। उन्होंने पति की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग की है। उनकी मां सुशीला देवी ने भी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बगल के कमरे में मिली उल्टी, मौत की वजह स्पष्ट नहीं
बताया गया है कि अभिषेक अपने चैंबर के बगल वाले कमरे में भी कुछ देर के लिए गए थे। वहां उल्टी पड़ी मिली। आशंका जताई जा रही है कि तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें उल्टी हुई होगी। हालांकि, उनकी मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
रेलवे अस्पताल के बाहर कर्मचारियों का प्रदर्शन
घटना के बाद बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी अस्पताल के बाहर पहुंच गए। कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल पूरे मामले में मौत के कारणों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच महत्वपूर्ण है। रेलवे प्रशासन की ओर से जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
रिपोर्ट: TIMES OF TAJ | आगरा
डिस्क्लेमर: यह समाचार प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रकाशित किया गया है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष आना बाकी है।
